रायपुर, 30 जून 2026/ Khushwant Singh: At the age of 86…! Khushwant Singh’s son, Rahul Singh, began a non-stop drive from Delhi to Kasauli.
Khushwant Singh : क्या अच्छी सेहत की शुरुआत सचमुच विटामिन की गोलियों से होती है, या फिर उसकी असली नींव हमारे गट यानी आंतों में छिपी है ?
स्वस्थ आँत ही स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क का है आधार
वर्षों से चली आ रही इसी सोच को चुनौती देते हुए गट बेला ने ‘गट-फर्स्ट वेलनेस’ अभियान की शुरुआत की है। कंपनी का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य की शुरुआत शरीर के गट मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाने से होती है, क्योंकि स्वस्थ गट ही शरीर और मस्तिष्क दोनों के बेहतर कामकाज की बुनियाद है।
इसी संदेश को लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रख्यात लेखक स्वर्गीय खुशवंत सिंह के पुत्र और वरिष्ठ पत्रकार राहुल सिंह (86 वर्ष) ने मंगलवार सुबह दिल्ली से कसौली तक की अपनी नॉन-स्टॉप कार यात्रा शुरू की।
इस पहल का उद्देश्य यह दिखाना है कि स्वस्थ उम्र बढ़ने का अर्थ केवल लंबी उम्र जीना नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी ऊर्जा, मानसिक सजगता और शारीरिक सक्रियता बनाए रखना है।
राहुल सिंह की वेलनेस दिनचर्या
राहुल सिंह ने बताया कि पिछले सात से आठ वर्षों से वे अपनी रोज़मर्रा की वेलनेस दिनचर्या में गट बेला के साथ कोवीवेदा एंटी-एजिंग टी का भी नियमित सेवन कर रहे हैं।
कंपनी के अनुसार यह कोई प्रचार अभियान नहीं है, बल्कि लोगों का ध्यान उस बढ़ती वैज्ञानिक समझ की ओर आकर्षित करने का प्रयास है, जिसके अनुसार गट हेल्थ केवल पाचन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि शरीर की ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता, हार्मोन संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ उम्र बढ़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भारतीय आयुर्वेद की पारंपरिक जड़ी-बूटियों के ज्ञान को मानव माइक्रोबायोम पर आधारित आधुनिक वैज्ञानिक समझ के साथ जोड़ा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा लक्ष्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं होगा, बल्कि लोगों को पहले से स्वस्थ बनाए रखना होगा।
उनका मानना है कि यदि शरीर की प्राकृतिक प्रणालियाँ मजबूत हों, तो अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से पहले ही बचा जा सकता है।
