रायपुर,08 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Battery cell manufacturing in India will get government support, EV sector and domestic industry to get new strength.” सरकार ने बैटरी सेल निर्माण को बताया रणनीतिक प्राथमिकता
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि बैटरी सेल निर्माण भारत को मजबूत करने के लिए सरकार हरसंभव नीति समर्थन देगी। उन्होंने नई दिल्ली में सेल कंपोनेंट निर्माताओं और विशेषज्ञों के साथ बैठक को संबोधित किया। साथ ही कहा कि देश में पूरी बैटरी वैल्यू चेन विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। क्योंकि वैश्विक सप्लाई चेन में लगातार व्यवधान देखने को मिल रहे हैं।
EV उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ, आयात पर घटेगी निर्भरता
मंत्री ने कहा कि बैटरी सेल निर्माण भारत का विस्तार होने से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऊर्जा भंडारण उद्योग को मजबूती मिलेगी। फिलहाल भारत अपनी बैटरी वैल्यू चेन की केवल 25 प्रतिशत जरूरतें ही घरेलू स्तर पर पूरी कर पा रहा है। इसलिए सरकार स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू विनिर्माण को नई गति मिलेगी।
उद्योग और अनुसंधान संस्थानों की साझेदारी होगी अहम
एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार नीतिगत दिशा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा सकती है। लेकिन बैटरी सेल निर्माण भारत मिशन की सफलता उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और अन्य हितधारकों के सहयोग पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए नई तकनीक, अनुसंधान और निवेश से देश में उन्नत बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बन सकता है।
2070 नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
भारत वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना चाहता है। इसलिए सरकार उन्नत बैटरी तकनीक और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। अंत में मंत्री ने कहा कि बैटरी सेल निर्माण भारत को मजबूत करना केवल औद्योगिक जरूरत नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार यह पहल भविष्य में भारत को वैश्विक बैटरी निर्माण हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
