H-1B Visa Probe
H-1B Visa Probe
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​रायपुर,08 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “H-1B Visa Probe: Trump administration’s major crackdown, visa fraud and labor trafficking to be investigated.” H-1B वीजा कार्यक्रम पर ट्रंप प्रशासन का बड़ा एक्शन

अमेरिका में H-1B वीजा जांच को लेकर ट्रंप प्रशासन ने पहली बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस जांच का उद्देश्य वीजा धोखाधड़ी, लेबर ट्रैफिकिंग और अमेरिकी कर्मचारियों के कथित विस्थापन के मामलों की पड़ताल करना है। इसके साथ ही प्रशासन ने रोजगार नियमों के पालन पर भी सख्त रुख अपनाया है। यह कदम आव्रजन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

H-1B और PERM वीजा मामलों की होगी विस्तृत जांच

अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी’एस्पोसिटो के अनुसार, H-1B वीजा जांच के दायरे में H-1B और PERM वीजा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की भी जांच होगी। पहले अधिकारियों ने कई शिकायतों की समीक्षा की। फिर जांच एजेंसियों ने दर्जनों समन (Subpoenas) जारी किए। इसके अलावा जांच टीम यह भी देखेगी कि कहीं विदेशी श्रमिकों के जरिए अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार पर असर तो नहीं पड़ा।

लेबर ट्रैफिकिंग और संगठित अपराध के आरोपों की भी पड़ताल

अधिकारियों का कहना है कि H-1B वीजा जांच के दौरान मानव तस्करी और विदेशी श्रमिकों के शोषण से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ मामलों में ऐसे नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इसलिए प्रशासन ने सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

व्हाइट हाउस की व्यापक एंटी-फ्रॉड रणनीति का हिस्सा

व्हाइट हाउस इस कार्रवाई को व्यापक एंटी-फ्रॉड अभियान का हिस्सा मान रहा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से इस पहल की विस्तृत जानकारी साझा करने की उम्मीद है। अंत में विशेषज्ञों का मानना है कि H-1B वीजा जांच का असर कंपनियों, विदेशी पेशेवरों और रोजगार प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इस प्रकार आने वाले समय में H-1B वीजा नियमों और अनुपालन व्यवस्था में और सख्ती देखने को मिल सकती है।