रायपुर, 09 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “A ₹5 lakh insurance policy is sitting in your pocket without spending a single rupee… most people do not know this rule” मौजूदा समय में हर कोई अपने और परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी को बेहद जरूरी मानता है और इसके लिए हर साल मोटी रकम भी खर्च करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जेब में एक ऐसी मुफ्त इंश्योरेंस पॉलिसी पड़ी है, जिसके लिए आपको एक चवन्नी भी खर्च नहीं करनी पड़ती ?
जी हां, आपके बैंक का एटीएम या डेबिट कार्ड सिर्फ पैसे निकालने या ऑनलाइन शॉपिंग के ही काम नहीं आता, बल्कि यह खुद में एक चलता-फिरता 5 लाख रुपये तक का मुफ्त एक्सीडेंटल इंश्योरेंस भी है।
जानकारी के अभाव में देश के ज्यादातर लोग कभी इस सुविधा का लाभ या क्लेम नहीं ले पाते हैं।
हर बैंक के एटीएम कार्ड पर मिलती है मुफ्त बीमा की सुविधा
भारत में चाहे कोई सरकारी बैंक हो या फिर कोई प्राइवेट बैंक, अपने ग्राहकों को एटीएम कार्ड जारी करते समय वे इसके साथ मुफ्त एक्सीडेंटल पॉलिसी की सुविधा भी देते हैं। नियम के मुताबिक, यदि किसी एटीएम कार्ड धारक के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी हो जाती है, तो इस इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा सीधे उसके परिवार या नॉमिनी को मिलता है।
चूंकि बैंक इस पॉलिसी के बारे में ग्राहकों को अलग से ज्यादा जानकारी नहीं देते हैं, इसलिए मुश्किल वक्त में परिवार इस आर्थिक मदद और अधिकार से पूरी तरह वंचित रह जाता है।
कार्ड की कैटेगरी के हिसाब से तय होती है बीमे की रकम
बैंकों द्वारा एटीएम और डेबिट कार्ड की अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार ही मुफ्त इंश्योरेंस की राशि तय की जाती है। साधारण या क्लासिक और रुपे कार्ड धारकों को 1 लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल बीमा मिलता है।
वहीं, प्लेटिनम कार्ड धारकों के लिए यह राशि 2 लाख रुपये होती है, जबकि प्रीमियम या वीज़ा कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को पूरे 5 लाख रुपये तक का मुफ्त एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर दिया जाता है।
क्लेम पाने के लिए कार्ड का ‘एक्टिव’ होना है सबसे जरूरी शर्त
इस मुफ्त इंश्योरेंस पॉलिसी का लाभ उठाने के लिए बैंक की एक बेहद छोटी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण शर्त होती है, जिसे ‘एक्टिविटी पीरियडÓ कहा जाता है।
नियम के तहत बीमा क्लेम करने के लिए आपका एटीएम कार्ड पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति से पिछले 30 से 90 दिनों के भीतर उस एटीएम कार्ड से कम से कम एक बार कोई भी लेनदेन (ट्रांजैक्शन) जरूर किया गया हो।
यदि कार्ड का इस्तेमाल नियमित रूप से हो रहा है, तभी इसे एक्टिव माना जाएगा और क्लेम का फायदा मिलेगा।
परिवार ऐसे कर सकता है इंश्योरेंस राशि के लिए क्लेम
दुर्घटना की स्थिति में क्लेम पाने के लिए कार्ड धारक के परिवार या नॉमिनी को सबसे पहले संबंधित बैंक की शाखा को इस घटना की सूचना देनी होती है। इसके बाद बैंक से मिलने वाले एक क्लेम फॉर्म को भरकर आवश्यक दस्तावेजों, जैसे मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस एफआईआर की कॉपी के साथ जमा करना होता है। सभी दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद बैंक द्वारा खाते में दर्ज नॉमिनी को इंश्योरेंस की पूरी रकम जारी कर दी जाती है।
