Electricity Bill: No electricity without advance payment anymore...! Prepaid system to apply to government departments from August 1st.
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रायपुर, 23 जुलाई 2026/ Electricity Bill: No electricity without advance payment anymore…! Prepaid system to apply to government departments from August 1st.

Electricity Bill : छत्तीसगढ़ में बिजली बिल व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अगस्त 2026 से राज्य के करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन प्रीपेड सिस्टम पर संचालित किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी विभागों को तीन महीने का अनुमानित बिजली बिल एडवांस जमा करना होगा।

राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने इस व्यवस्था की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। विभागों को इस महीने के अंत तक एडवांस राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 1 अगस्त से प्रीपेड सिस्टम लागू किया जा सके।

क्यों लिया गया फैसला?

सरकारी विभागों पर बिजली बिल का भारी बकाया लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। मई 2026 तक बकाया राशि लगभग ₹3,500 करोड़ थी, जो जून और जुलाई के बिल जुड़ने के बाद करीब ₹4,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी बकाया को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

क्या बदलेगा?

सभी सरकारी विभागों को 3 महीने का बिजली बिल पहले से जमा करना होगा।
डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
हर विभाग को अलग कोड और नोडल अधिकारी आवंटित किया गया है।
1 अगस्त के बाद जुलाई तक का पुराना बकाया फ्रीज कर दिया जाएगा।
पुराना बकाया राज्य सरकार किस्तों में बिजली कंपनी को चुकाएगी।
किन विभागों पर लागू होगा नियम?

शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायत, आंगनबाड़ी सहित लगभग सभी सरकारी विभागों के जिला स्तर पर अलग-अलग समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक विभाग के औसत मासिक बिजली बिल के आधार पर एडवांस राशि तय की जाएगी।

राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि सभी तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। यदि विभाग समय पर एडवांस राशि जमा कर देते हैं, तो 1 अगस्त से सभी सरकारी कनेक्शन प्रीपेड मोड में संचालित होंगे।