ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ का हमला…!प्रदर्शनकारियों ने फेंकी पानी की बोतलें, जूते और चप्पलें

Mamata Banerjee

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रायपुर, 10 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में पूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ का हमला हो गया.

दरअसल, पूर्व सीएम का काफिला एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के घर की ओर निकला था. तभी गुस्साई भीड़ ने उसे बीच रास्ते में रोकने का प्रयास किया और उस पर बोल दिया.

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को चारो ओर से घेर लिया. उस पर कीचड़ फेंका और पानी की बोतलें, जूते तथा चप्पलें बरसाईं. गुस्साई भीड़ ने ममता बनर्जी खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

गुस्साई भीड़ ने उन्हें चोर और डकैतों की रानी जैसे नारे लगा. यहां पर हालात को बिगड़ता देख मौके पर पुलिसबल पहुंच गया. इसके बाद सुरक्षा घेरे के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उस इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला.

गौरतलब है कि यह पूरा हंगामा एक मृत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार की ओर से लगाए गए उन गंभीर आरोपों के बाद आरंभ हुआ.

मृतक के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया, पुलिस के सामने ही असामाजिक तत्वों ने मेरी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके. गाड़ी पर हमला इतना जबरदस्त था कि अगर खिड़कियां खुली होतीं, तो मेरा सिर फट जाता. हम सब मारे जा सकते थे. यह सब पुलिस के सामने हुआ. मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा. यह क्या हो रहा है?… पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी एक स्थानीय मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने के लिए उनके घर जा रही थीं. पुलिस कस्टडी में शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई.

रास्ते में जैसे ही उनका काफिला हलिशहर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद गुस्साई भीड़ ने गाडिय़ों को आगे बढऩे से रोक दिया. यह विरोध प्रदर्शन काफी उग्र था.

कुछ देर में हालात बेहद बेकाबू हो गए. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने ममता बनर्जी की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया.

भीड़ ने गाड़ी पर कीचड़ फेंकना शुरू कर दिया. इसके साथ पानी की बोतलें, जूते और चप्पलें बरसानी आरंभ कर दीं. इसके साथ भारी हंगामा होने लगा.

इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने तीखे और आक्रामक नारे भी लगाए. प्रदर्शनकारियों ने सीएम को चोर और डकैत तक कह डाला. इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला.

पार्टी कार्यकर्ता की संदिग्ध मौत के कारण गुस्सा भड़क उठा. मृतक कार्यकर्ता के परिवार वालों ने स्थानीय पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. परिवार के अनुसार, पुलिस हिरासत के दौरान बेरहमी से पिटाई करने के कारण उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के दिलों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला. यह ममता बनर्जी के दौरे के वक्त खुलकर सामने आ गया.

हालात बिगडऩे लगे और भीड़ आक्रामक हो गई. यहां पर मौके पर मौजूद सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच गई. किसी तरह भीड़ को नियंत्रित करते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा तैयार किया. पूर्व सीएम ममता बनर्जी को तनावपूर्ण हालात में सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई.