Share This Article रायपुर, 11 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / संसद के मानसून सत्र में लगातार गतिरोध बना हुआ है। मंगलवार को भी विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर स्थगित हुई। हालांकि, इस बीच लोकसभा में 2 प्रमुख विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिसमें एक केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 भी शामिल था। इसके बाद सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक को विचार और पारित करने के लिए पेश किया। हालांकि, हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी और इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल से वरिष्ठ सांसद केसी वेणुगोपाल को विधेयक पर अपना मत रखने का अवसर नहीं मिला। मलयालम में राज्य का नाम केरलम है राय ने विधेयक पर कहा कि केरल विधानसभा ने 2024 में प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य का नाम केरलम करने का अनुरोध किया था, क्योंकि मलयालम में राज्य का नाम केरलम है। केरल का नाम केरलम करने में अभी 2 औपचारिकता बाकी है। विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद बुधवार को राज्यसभा में पेश होगा, जहां इसके कल पारित होने की संभावना है। इसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही सरकारी गजट में अधिसूचना जारी होगी और निर्धारित तारीख से केरल राज्य केरलम हो जाएगा। यह सिर्फ सामान्य प्रशासनिक नाम बदलना नहीं बल्कि संविधान की अनुसूची में भी केरल की जगह केरलम होगा। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने संविधान के अनुच्छेद-3 के तहत राज्य का नाम बदलकर प्रथम अनुसूची में केरलम करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था, जिसे जून 2024 में पारित किया गया।उनका कहना था कि केरलम मलयालम में उपयोग होता है और राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी समुदायों के लिए यह मांग प्रमुख रही है। यह प्रस्ताव 2023 में भी आया था, लेकिन तब तकनीकी कारणों से स्थगित हो गया था। केंद्र सरकार ने फरवरी में केरल नाम बदलने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में हरी झंडी दे दी थी, जिसके बाद इसे संसद में लाया गया। वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर नया पहाड़ी राज्य उत्तरांचल बना, लेकिन 2007 में आधिकारिक रूप से उत्तराखंड कर दिया गया। उड़ीसा का नाम 2011 में बदलकर ओडिशा कर दिया गया। मद्रास राज्य 1969 में तमिलनाडु और मैसूर राज्य 1973 में कर्नाटक बना। केरल नाम की उत्पत्ति को लेकर कई सिद्धांत देखने को मिलते हैं।सबसे प्राचीन संदर्भ अशोक के 257 ईसा पूर्व में द्वितीय शिलालेख में मिलता है। इसमें केरलपुत्र (केरल का पुत्र) का उल्लेख है। इसे चेरा राजवंश के संदर्भ में कहा जाता है। कुछ विद्वान केरलम शब्द को चेरम से जोड़ते हैं, जो कन्नड़ रूप है। मूल शब्द चेर का अर्थ जोडऩा से निकालते हैं और यह चेरालम शब्द में आता है, जिसमें अलम भूमि या क्षेत्र होता है। केरल से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2018 में राज्य का नाम सिर्फ बांग्ला करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश से इसकी समानता को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद इसे पारित नहीं किया गया था। Favorite Share This Article Post navigation वंदे मातरम् का अपमान अब पड़ेगा भारी…! राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हुआ नया कानून…