Hareli Festival 2026: Hareli celebrations at the CM House! View the Gedi race, Rahchuli, and the full spectacle of folk culture in these photos.Hareli Festival 2026
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रायपुर, 12 अगस्त 2026/ Hareli Festival 2026 : छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व ‘हरेली’ का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बड़े ही उत्साहपूर्वक किया गया। इस आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को जीवंत कर दिया।

मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण सजावट से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक नजर आई।

पारंपरिक खेलों ने बांधा समां

हरेली आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल खास आकर्षण का केंद्र रहे। गेड़ी दौड़ ने लोगों में रोमांच पैदा किया, जबकि बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे ग्रामीण खेलों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का ध्यान खींचा। इन पारंपरिक खेलों के जरिए नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की समृद्ध खेल संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।

ठेठरी-खुरमी से महका आयोजन

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों ने भी लोगों का दिल जीत लिया। ठेठरी, खुरमी, बड़ा समेत कई पारंपरिक पकवानों का लोगों ने स्वाद लिया। इन व्यंजनों ने आयोजन में गांव के पारंपरिक उत्सव जैसा माहौल बना दिया और लोगों को छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन व पारिवारिक उत्सवों की याद दिलाई।

लोकगीत और नृत्य ने जमाया रंग

लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी, वहीं मौजूद लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की समृद्ध परंपरा प्रभावशाली तरीके से सामने आई।

रहचुली बनी खास आकर्षण

हरेली महोत्सव का एक खास आकर्षण रहचुली रही। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने इसका आनंद लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में गांव के मेले जैसा माहौल बना दिया।

कृषि और प्रकृति से जुड़ा है हरेली पर्व

हरेली मूल रूप से कृषि और प्रकृति से जुड़ा पर्व है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना करते हैं।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली को सिर्फ एक त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया।

नया रायपुर में हुआ यह आयोजन इस बात का संदेश भी देता है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेल, खानपान और ग्रामीण विरासत को भी सम्मान और संरक्षण दे रहा है।


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