Share This Article रायपुर, 13 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तक कमजोर रहा है। 2 अगस्त तक देश में संचयी वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) से 12% कम दर्ज की गई है। जून में बारिश 35% कम रही, जबकि जुलाई में मध्य भारत में हुई भारी बारिश से देश की कुल वर्षा सामान्य से 1% अधिक हो गई। यह जानकारी पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में दी। पहले ही जताया गया था कम बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने अप्रैल में 2026 के मानसून में LPA की 92% बारिश का अनुमान लगाया था। दूसरे चरण में इसे घटाकर 90% किया गया और कमजोर अल नीनो की संभावना जताई गई थी। जून में 35% कम बारिश जून में देशभर में सामान्य से 35% कम बारिश हुई। करीब 70% जिलों में वर्षा की कमी दर्ज की गई। जुलाई में मध्य भारत में भारी बारिश के बावजूद 47% जिलों में अब भी कम या अत्यधिक कम बारिश रही। अल नीनो बना बड़ा कारण जून में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में कमजोर से मध्यम अल नीनो की स्थिति बनी। इससे मानसूनी प्रवाह प्रभावित हुआ और कई क्षेत्रों में लंबे समय तक शुष्क मौसम, मिट्टी में नमी की कमी तथा वर्षा आधारित खेती पर दबाव बढ़ा। इन राज्यों में बारिश की भारी कमी 5 अगस्त तक बिहार में 38%, अरुणाचल प्रदेश में 36%, असम-मेघालय और तटीय आंध्र प्रदेश में 35%, पंजाब में 33%, रायलसीमा में 32%, पूर्वी उत्तर प्रदेश व झारखंड में 30% बारिश की कमी दर्ज की गई। खेती और जल भंडार पर असर की आशंका कम बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव और जलाशयों में पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए केंद्र और राज्य एजेंसियों को क्षेत्रवार अलर्ट और सलाह जारी कर रहा है। Share This Article Post navigation राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह : CG की लोक एवं जनजातीय विरासत की विशेष प्रस्तुति होगी…गेंड़ी और गौर मड़िया नृत्य , बस्तर की संगीत परंपरा का प्रदर्शन… कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा दोषी करार, शीतकालीन सत्र में आ सकता है महाभियोग प्रस्ताव