Share This Article रायपुर, 14 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने को लेकर पाकिस्तान फिर से तिलमिला उठा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम में भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि निलंबित समझौते के तहत इस्लामाबाद के जल अधिकारों को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान के पानी की हर बूंद उनके लिए अंतिम सीमा है। शाहबाज ने खुद को शांति दूत बताते हुए कहा कि उनकी शांति की इच्छा को कमजोरी न समझे और संप्रभुता को चुनौती मिलने पर वह करारा जवाब देगा। उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट शब्दों में घोषणा करता हूं कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद हमारी अंतिम सीमा (रेड लाइन) है। अगर भारत होश में नहीं आया, तो उसे इसका सीधा जवाब दिया जाएगा। भारत ने संधि को अवैध रूप से निलंबित कर खुद को शांति का दुश्मन साबित किया है।भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दंडात्मक कदम के रूप में इस संधि को निलंबित कर दिया था।इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी और भारत ने इसके लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था। इस निलंबन के बाद भारत ने तीनों प्रमुख नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) के जल स्तर का डाटा पाकिस्तान के साथ साझा करना पूरी तरह बंद कर दिया है। मानसून में भारत द्वारा जारी किए जाने वाली पूर्व चेतावनी डाटा से पाकिस्तान को पंजाब और सिंध प्रांतों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद मिलती थी। डाटा न मिलने के कारण पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है। यही वजह है कि पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठा रहा है और दावा कर रहा है कि यह संधि कानूनी रूप से अभी भी लागू है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान के बीच 19 सितंबर, 1960 को विश्व बैंक की मध्यस्थता से सिंधु जल संधि हुई थी। इसके तहत सिंधु घाटी में बहने वाली तीन पूर्वी नदियों (रवि, सतलज, व्यास) पर भारत का, जबकि तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) पर पाकिस्तान का अधिकार है। नदियां भारत से होकर बहती हैं, इसलिए पश्चिमी नदियों के 20 प्रतिशत पानी का इस्तेमाल भारत सिंचाई और अन्य सीमित कार्यों के लिए कर सकता है। Share This Article Post navigation स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किला और एयरपोर्ट समेत कई जगह बम से उड़ाने की धमकी अमेरिका का आरोप, भारत समेत 40 देशों ने चीन को टैरिफ से बचने में मदद की