Share This Article रायपुर, 14 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना पायलट वाले ड्रोन और उनके कुछ हिस्सों के आयात पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का बड़ा ऐलान किया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील माने जाने वाले ड्रोन पर सबसे ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा। इनमें 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले या थर्मल इमेजिंग क्षमता वाले ड्रोन शामिल हैं। वहीं, 25 किलोग्राम तक वजन वाले ड्रोन पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिका ने यह फैसला अपनी ड्रोन इंडस्ट्री को मजबूत करने और विदेशी सप्लाई पर निर्भरता घटाने के लिए लिया है। ट्रंप प्रशासन खासतौर पर चीन की ड्रोन तकनीक को लेकर चिंतित है। यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के बड़े इस्तेमाल ने भी इनकी रणनीतिक अहमियत बढ़ाई है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि ड्रोन अब राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी बन चुके हैं। इसलिए घरेलू कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना इस कदम का प्रमुख उद्देश्य है। अमेरिका ने कई दूसरे देशों से आने वाले ड्रोन और उनके हिस्सों पर भी शुल्क लगाया है। यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ताइवान से आने वाले उत्पादों पर 15 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। ब्रिटेन से आने वाले कुछ ड्रोन पर 10 फीसदी शुल्क होगा, लेकिन इसके लिए उनके ज्यादातर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और तकनीक का उत्पादन अमेरिका या ब्रिटेन में होना जरूरी है। अलग-अलग उत्पादों पर शुल्क लागू होने की समयसीमा भी अलग रखी गई है। नए टैरिफ का असर चीन के ड्रोन उद्योग पर पड़ सकता है, क्योंकि चीन दुनिया में रिमोट कंट्रोल वाले विमान बनाने वाले प्रमुख देशों में है।चीनी कंपनी डीजेआई का अमेरिकी व्यावसायिक ड्रोन बाजार में बड़ा हिस्सा रहा है। अमेरिकी खरीदारों को अब घरेलू या सहयोगी देशों के महंगे विकल्प अपनाने पड़ सकते हैं। इससे अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी तकनीकी और व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है और ड्रोन बाजार में बदलाव देखने को मिल सकता है। Share This Article Post navigation अमेरिका का आरोप, भारत समेत 40 देशों ने चीन को टैरिफ से बचने में मदद की ‘बांग्लादेशी मुसलमान जब भारत में घुसेंगे तो हिंदुओं की कमर टूट जाएगीÓ, मौलाना ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी उगला जहर