Share This Article रायपुर, 16 अगस्त 2026/ AI Healthcare : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले वर्षों में मेडिकल साइंस की दिशा बदल सकता है। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई का अनुमान है कि शक्तिशाली AI के विकास के बाद महज 5 से 10 वर्षों में जीव विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में दशकों की प्रगति हासिल की जा सकती है। उन्होंने यहां तक कहा है कि इस तेजी से अधिकांश मानव बीमारियों के इलाज या प्रभावी रोकथाम की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है। अमोदेई ने अपने लेख Machines of Loving Grace में अनुमान लगाया था कि AI चिकित्सा और जैव-विज्ञान में मानव वैज्ञानिकों की संभावित 50 से 100 वर्षों की प्रगति को 5-10 वर्षों में समेट सकता है। उनके मुताबिक AI से संक्रामक रोगों, कैंसर, आनुवंशिक बीमारियों और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में तेजी आ सकती है। हालांकि, उन्होंने इसे एक अनुमान और भविष्यवाणी के तौर पर पेश किया है, न कि निश्चित वैज्ञानिक निष्कर्ष के रूप में। AI से किन बीमारियों में उम्मीद? अमोदेई के अनुसार AI-संचालित जैव-विज्ञान से संक्रामक रोगों की रोकथाम और उपचार में बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने कैंसर के उपचार, आनुवंशिक रोगों, अल्जाइमर और अन्य बीमारियों में भी तेज प्रगति की संभावना जताई है। उनका मानना है कि AI शोध, दवा विकास और जैविक प्रयोगों की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। हालांकि, नई दवाओं और उपचारों को मरीजों तक पहुंचने से पहले प्रयोगशाला परीक्षण, क्लीनिकल ट्रायल और नियामकीय मंजूरी जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इसलिए अमोदेई का अनुमान तकनीकी क्षमता और संभावित वैज्ञानिक प्रगति पर आधारित है, इसे तत्काल इलाज की गारंटी नहीं माना जा सकता। AI को लेकर नकारात्मक सोच पर भी बोले अमोदेई ने AI को लेकर लोगों की आशंकाओं पर भी बात की है। उनका तर्क है कि समाज में नई तकनीक को लेकर डर और अविश्वास स्वाभाविक है, लेकिन AI के संभावित सकारात्मक प्रभाव, खासकर स्वास्थ्य और विज्ञान में—को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। Anthropic ने भी हालिया सामग्री में AI की वैज्ञानिक प्रगति और बीमारियों के इलाज में संभावित भूमिका को प्रमुख सवालों में शामिल किया है। Share This Article Post navigation Fighter Planes : को मिलेगा स्वदेशी इंजन का दम… रिलायंस-रोल्स रॉयस की बड़ी साझेदारी