Chhattisgarh Food Department: Food security for 2.73 crore people...! Ration available 24x7 via Grain ATMs.Chhattisgarh Food Department
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रायपुर, 18 अगस्त 2026/ Chhattisgarh Food Department : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियां और आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना साझा की। विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अब 83.36 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं और इनमें 2.73 करोड़ सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य की अनुमानित आबादी के आधार पर करीब 87 प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

विभाग के अनुसार जनवरी 2024 में प्रदेश में करीब 77 लाख राशनकार्ड प्रचलित थे, जिनसे 2.69 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे थे। पिछले तीन वर्षों में करीब 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए और 16.93 लाख नए सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा गया। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए पिछले तीन वर्षों में 445 नई उचित मूल्य दुकानों का आबंटन किया गया। वर्तमान में राज्य में 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।

74.89 लाख टन चावल का वितरण

जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक राशनकार्डधारियों को 74.89 लाख टन चावल वितरित किया गया। अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित और निशक्तजन परिवारों को पात्रता के अनुसार चावल निशुल्क दिया जा रहा है, जबकि सामान्य श्रेणी के परिवारों को निर्धारित दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी अवधि में बस्तर संभाग के राशनकार्डधारियों को 26,723 टन गुड़, अनुसूचित एवं माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 1.43 लाख टन चना, 2.69 लाख टन आयोडाइज्ड नमक और 1.95 लाख टन शक्कर वितरित की गई।

अब 24×7 मिलेगा राशन! तीन शहरों में Grain ATM शुरू

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में अन्नपूर्ति Grain ATM की शुरुआत की गई है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में प्रदेश के पहले तीन Grain ATM 8 अगस्त 2026 से संचालित हैं। राशनकार्ड या आधार नंबर दर्ज करने और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे उचित मूल्य दुकानों में लाइन लगाने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

2030 तक 42 लाख घरों तक PNG पहुंचाने का लक्ष्य

राज्य में City Gas Distribution व्यवस्था लागू करने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। रायपुर और मनेन्द्रगढ़ के कुछ घरों में PNG की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। आगामी छह महीनों में सात अन्य शहरों तक इसका विस्तार करने की योजना है। सरकार ने 2030 तक 42 लाख घरों को PNG से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आगामी दो वर्षों में 12 जिलों में PNG गैस उपलब्ध कराने की कार्ययोजना है।

धान खरीदी में किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल

विभाग ने धान खरीदी को लेकर भी उपलब्धियां गिनाईं। सरकार ने धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की है। किसानों को समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर ₹3100 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वहीं 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।

किसानों को 48 घंटे में भुगतान का दावा

विभाग के मुताबिक धान खरीदी के बाद समर्थन मूल्य की राशि किसानों के खातों में 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन ट्रांसफर करने की व्यवस्था की गई। खरीफ 2024-25 में 25.49 लाख किसानों को कुल ₹46,289 करोड़ और खरीफ 2025-26 में 25.24 लाख किसानों को ₹43,723 करोड़ अंतरित किए गए।

धान खरीदी में बायोमेट्रिक डिवाइस, आधार सत्यापन और इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है। विभाग के अनुसार खरीफ 2025-26 में 9.73 लाख क्विंटल अवैध धान का परिवहन जब्त किया गया, जिससे शासन को करीब ₹301.89 करोड़ की बचत हुई।

39 लाख महिलाओं को उज्ज्वला कनेक्शन

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में अब तक 39 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत छत्तीसगढ़ गैस कनेक्शन वितरण में देश का चौथा अग्रणी राज्य है।

उपभोक्ता मामलों में 84% निपटारा

उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में भी डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। विभाग के अनुसार अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 के बीच राज्य उपभोक्ता आयोग को प्राप्त 2,058 शिकायतों में से 1,720 मामलों का निराकरण किया गया, जिससे करीब 84 प्रतिशत निपटारा दर रही।

इसी अवधि में जिला उपभोक्ता आयोगों ने 10,891 मामलों का निपटारा किया। शिकायतों में ₹16.88 करोड़ की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई, जिसमें से ₹16.02 करोड़ का भुगतान प्रभावित पक्षकारों को किया जा चुका है।

अगले 2 साल में ये होंगे बड़े काम

विभाग ने आगामी दो वर्षों के लिए कई प्रमुख योजनाएं भी बताईं। इनमें-

  • स्मार्ट-PDS योजना का क्रियान्वयन
  • 704 ऑफलाइन उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन करना
  • अन्य जिलों में Grain ATM स्थापित करना
  • 2.71 लाख टन क्षमता के नए गोदाम बनाना
  • PEG योजना के तहत 3.5 लाख टन क्षमता के गोदाम
  • 12 जिलों में PNG नेटवर्क का विस्तार
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डिजिटल निगरानी को और मजबूत करना

शामिल हैं।


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