Share This Article रायपुर, 18 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा नक्शा साझा किया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री इलाके को ‘नया अमेरिकी क्षेत्रÓ बताया गया। नक्शे में ईरान, ओमान और यूएई के हिस्से भी दिखाई दे रहे हैं। ट्रंप की इस पोस्ट पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना गलतफहमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप को जल्द समझ आ जाएगा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से लदे जहाज गुजरते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत इस तरह के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर विभिन्न देशों के जहाजों को आवागमन के अधिकार प्राप्त हैं। इसलिए केवल किसी सोशल मीडिया पोस्ट या राजनीतिक दावे के आधार पर अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता।ट्रंप का नक्शा फिलहाल एक राजनीतिक संदेश या दावा माना जा सकता है। इससे समुद्री मार्ग की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी स्थिति अपने आप नहीं बदलती। होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के तट से जुड़ा है, जबकि इसका दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र के पास आता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर अरब सागर और आगे हिंद महासागर तक पहुंचते हैं। इस रणनीतिक स्थिति के कारण होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका भी इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है। Share This Article Post navigation स्कूल में छात्र ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, एक की मौत; हमलावर ने खुद को भी मारी गोली भारत की चुनाव व्यवस्था से प्रभावित ट्रंप… ! अमेरिका में सख्त चुनाव नियमों की पैरवी…