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रायपुर, 26 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / शक्कर की खेप पहुंचने में देरी की उद्योग की चिंता को देखते हुए सरकार ने आयात नियमों में ढील दी है।

अब शुल्क-मुक्त आयात की गई कच्ची चीनी को रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचने के लिए आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने का समय मिलेगा।

31 अक्टूबर की तय समय सीमा हटाई

पहले आयातकों को TRQ योजना के तहत लाई गई कच्ची चीनी को 31 अक्टूबर तक रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचना जरूरी था।

अब यह निश्चित समयसीमा हटाकर प्रत्येक खेप के लिए दो महीने की अवधि तय की गई है।

शिपमेंट में देरी बनी वजह

चीनी उद्योग ने सरकार को बताया था कि विदेशी बंदरगाहों पर भीड़ और माल पहुंचने में लग रहे समय के कारण पुरानी समयसीमा पूरी करना मुश्किल हो सकता है।

नए नियम से आयातकों को खेप पहुंचने और उसे प्रोसेस करने के लिए अधिक व्यावहारिक समय मिलेगा।

10 लाख टन शुल्क-मुक्त चीनी का आयात

सरकार ने बढ़ती घरेलू कीमतों और आगामी त्योहारी सीजन की मांग को देखते हुए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है।

इसका उद्देश्य घरेलू आपूर्ति बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है।

सरकार के इस फैसले से आयातकों को राहत मिलने के साथ बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने और त्योहारी सीजन में कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।


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