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रायपुर, 27 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / नेपाल और चीन सीमा पर विनाशकारी जल प्रलय के बाद एक और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। चीन ने गुरुवार को नेपाल को चेतावनी दी कि ऊपरी हिस्से में बनी एक नई अवरोधक झील 3 दिनों के भीतर टूट सकती है, जिससे निचले हिस्से में पानी का सैलाब आ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि झील पहले से ही ओवरफ्लो है और आने वाले दिनों में इसमें और पानी आ सकता है।


रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने गुरुवार सुबह तक झील में पानी की मात्रा लगभग 20 लाख घन मीटर होने का अनुमान लगाया है।


रिपोर्ट के अनुसार, अगले 3 दिनों में झील में 30 लाख घन मीटर पानी और आने की आशंका है, जिससे बांध टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।
यह झील नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। इस पर चीन कड़ी नजर रखे है। रिपोर्ट के मुताबिक, छोचेन खोला और पुरेपु नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में प्रवेश करने से पहले आपस में मिल जाती हैं, जहां इस नदी को भोटेकोशी के नाम से जाना जाता है।

भोटेकोशी, त्रिशुली नदी की प्रमुख ऊपरी सहायक नदी है। भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंडे खोला में बुधवार को जलस्तर बढ़ा था।
चीनी अधिकारी झील की निगरानी करना और जलवैज्ञानिक विश्लेषण करना जारी रखेंगे। साथ ही संभावित आपातकालीन बचाव और बाढ़ नियंत्रण अभियानों की तैयारी करेंगे।


नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि बुधवार को आई बाढ़ ग्लेशियर में भूस्खलन की वजह से आई थी। तब 5,200 मीटर की ऊंचाई पर ग्लेशियर का विशाल टुकड़ा टूटकर 1,200 मीटर नीचे ल्हेन्डे नदी में गिर गया। इससे प्राकृतिक बांध बना, जो बाद में टूटने से एक साथ पानी और मिट्टी निचले इलाकों में ले आया।
बाढ़ का पानी 5,850 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से बह रहा था।


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