Share This Article रायपुर, 30 अगस्त 2026/ Women Empowerment : रायपुर की अनिता साहू ने मुश्किल हालात को अपनी ताकत बनाया। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से ई-रिक्शा मिलने के बाद अब वे आर्थिक रूप से सक्षम बनी है । इस कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च संभालते हुए वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। संघर्ष को बनाया ताकत पति के निधन के बाद अनिता के सामने बच्चों की परवरिश और घर चलाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई। पहले वे छोटी-सी दुकान चलाती थीं, लेकिन आमदनी सीमित थी। मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। ई-रिक्शा बना आत्मनिर्भरता का सहारा श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ मिलने पर अनिता ने आर्थिक सहायता और अपनी राशि मिलाकर ई-रिक्शा खरीदा। खुद चलाती हैं ई-रिक्शा वे खुद ई रिक्शा चलाती हैं और प्रतिदिन करीब ₹700–800 की कमाई कर रही हैं। हर महीने ₹18–22 हजार की आमदनी ई-रिक्शा से अनिता को हर महीने करीब ₹18 से ₹22 हजार की आय और बचत का सहारा मिल रहा है। इससे घर की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना भी आसान हुआ है। बच्चों के बड़े सपने, मां की बड़ी मेहनत अनिता अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनका सपना है कि बच्चे खूब पढ़ें और अपना बेहतर भविष्य बनाएं। वे कहती हैं कि बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए वे लगातार मेहनत करती रहेंगी। ‘विष्णु भैया’ का जताया आभार अनिता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहती हैं कि योजना ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया। उनके शब्दों में, “विष्णु भैया ने हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह सहारा दिया है।” Share This Article Post navigation Muktakashi Manch पर दिखेगा लोक-संगीत और आधुनिक सुरों का संगम…! रायपुर में 1 से 3 सितंबर तक सजेगा ‘रंग-तरंग’