Sukma Bribe Case: ₹80,000 bribe demanded for arrears worth ₹16 lakh; ACB nabbed the BEO while he was accepting the first installment of ₹10,000.Sukma Bribe Case
Share This Article

कोंटा, 02 सितंबर। Sukma Bribe Case : कोंटा में खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा पर रिश्वतखोरी का आरोप, एरियर्स भुगतान के बदले 5 फीसदी कमीशन की थी मांग ACB जगदलपुर की ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथों गिरफ्तारी

एरियर्स का भुगतान बना रिश्वत का सौदा

सुकमा। सरकारी कर्मचारी के करीब 16 लाख रुपये के एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया और उस पर मांगी गई कथित रिश्वत ने सुकमा में भ्रष्टाचार का मामला सामने ला दिया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जगदलपुर की टीम ने कोंटा के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एरियर्स भुगतान करवाने के बदले अधिकारी ने कुल 80 हजार रुपये की मांग की थी।

16 लाख का 5 प्रतिशत यानी 80 हजार

मामले की शिकायत मिसमा निवासी कवासी मंगल राम ने ACB जगदलपुर में की थी। शिकायत के मुताबिक उनकी पत्नी कवासी सुशीला कन्या आश्रम डूब्बाटोटा में अधीक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। वेतनमान निर्धारण के बाद उन्हें करीब 16 लाख रुपये की एरियर्स राशि का भुगतान होना था।

आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा ने एरियर्स राशि का 5 प्रतिशत कमीशन, यानी करीब 80 हजार रुपये, रिश्वत के रूप में मांगा।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया ट्रैप

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय सीधे ACB के पास पहुंचा। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद ACB को रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की पूरी योजना तैयार की गई।

बताया गया कि अधिकारी पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेने को तैयार हुआ। बुधवार को शिकायतकर्ता तय योजना के अनुसार रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा। जैसे ही 10 हजार रुपये दिए गए, ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए BEO चंद्र कुमार यारदा को मौके पर पकड़ लिया।

रिश्वत लेते गिरफ्तारी, धारा 7 में केस

ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। ACB की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।

10 हजार की किश्त से खुला 80 हजार का मामला

इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम बात यह है कि कथित तौर पर 16 लाख रुपये के एरियर्स के बदले 80 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन पहली किश्त के 10 हजार रुपये लेते ही ACB ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। अब जांच के दौरान रिश्वत की मांग, एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


Share This Article