Share This Article रायपुर, 03 सितंबर / ETrendingIndia / भारत ने गत अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस पर ‘क्लाउडेड लेपर्ड’ दुर्लभ और रहस्यमयी वन्य बिल्ली के संरक्षण के लिए पहली समर्पित राष्ट्रीय कार्ययोजना शुरू की है। योजना में पूर्वोत्तर भारत के 14 प्राथमिकता वाले संरक्षण परिदृश्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका लक्ष्य इनके जंगलों और वन्यजीव गलियारों को बचाना, वैज्ञानिक निगरानी बढ़ाना और स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ना है। 14 प्राथमिकता वाले संरक्षण क्षेत्र कार्ययोजना में पूर्वोत्तर भारत के 14 महत्वपूर्ण संरक्षण परिदृश्यों की पहचान की गई है। इन क्षेत्रों में जंगलों के संरक्षण और क्षतिग्रस्त पर्यावास को फिर से बहाल करने पर जोर रहेगा। कैमरा ट्रैप और DNA से होगी निगरानी क्लाउडेड लेपर्ड की बेहतर निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप, ऑक्यूपेंसी सर्वे, आनुवंशिक जांच और पर्यावरणीय DNA (eDNA) जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे इसकी संख्या और आवास की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी। जंगलों के बीच मजबूत होंगे वन्यजीव गलियारे वन क्षेत्रों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए वन्यजीव गलियारों का संरक्षण और पुनर्स्थापन किया जाएगा। इससे क्लाउडेड लेपर्ड को अलग-अलग वन क्षेत्रों में सुरक्षित आवाजाही का रास्ता मिल सकेगा। स्थानीय समुदाय भी बनेंगे संरक्षण के भागीदार योजना में स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ संधारणीय आजीविका को बढ़ावा देने का प्रावधान है। साथ ही अवैध शिकार और वन्यजीव अपराधों की रोकथाम तथा वन कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। जलवायु परिवर्तन से निपटने पर भी जोर क्लाउडेड लेपर्ड के पर्यावास को बदलती जलवायु के अनुकूल बनाने के लिए जलवायु लचीलापन और अनुकूलन को संरक्षण योजना का हिस्सा बनाया गया है। पड़ोसी देशों के साथ सीमा-पार सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सबसे रहस्यमयी वन्य बिल्लियों में एक क्लाउडेड लेपर्ड पूर्वोत्तर भारत के घने जंगलों में पाया जाने वाला एशिया की सबसे रहस्यमयी वन्य बिल्लियों में से एक है। नई कार्ययोजना वैज्ञानिक निगरानी, पर्यावास संरक्षण और समुदाय की भागीदारी को एक साथ जोड़कर इसके दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। Share This Article Post navigation Flagging Off : मुंबई से सावंतवाड़ी रोड के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू, अश्विनी वैष्णव और पीयूष गोयल ने दिखाई हरी झंडी, कोंकण के यात्रियों को बड़ा फायदा दक्षिण पूर्व रेलवे : चक्रधरपुर मंडल के बागडिही स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य… नवंबर माह में अनेक ट्रेन रद्द एवं मार्ग परिवर्तित