Share This Article रायपुर, 03 सितंबर / ETrendingIndia / नेपाल और तिब्बत की सीमा पर विनाशकारी बाढ़ के करीब एक सप्ताह बाद गुरुवार को तिब्बत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 रही और इसका केंद्र धरती के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने भूकंप की गहराई 14 किलोमीटर बताई है। भूकंप के झटकों से तिब्बत के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी कंपन महसूस किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप के बाद आसपास के इलाकों में 3 से 4 तीव्रता तक के झटके महसूस किए जाने की भी जानकारी है। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के उत्तरकाशी से करीब 202 किलोमीटर और जम्मू-कश्मीर से लगभग 118 किलोमीटर दूर बताया गया है। इसके कारण हिमालयी क्षेत्र के कई इलाकों में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में उत्तराखंड के जोशीमठ में भी 5.1 तीव्रता का भूकंप आने का दावा किया गया है। हालांकि, इस भूकंप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जोशीमठ और आसपास का क्षेत्र पहले भी भूकंप के झटकों को लेकर संवेदनशील रहा है। गौरतलब है कि 26 अगस्त को तिब्बत में एक हिमनद झील के फटने के बाद आई भयावह बाढ़ ने नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। अचानक आई बाढ़ ने सीमाई कस्बों, गांवों और घाटियों को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा हो गया है, जबकि कई गांवों और बस्तियों का अस्तित्व तक मिट गया। बाढ़ के बाद दोनों देशों में राहत और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढऩे की आशंका बनी हुई है। गुरुवार तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार नेपाल में बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा में 1,252 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,200 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। वहीं चीन में इस आपदा के कारण 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 541 लोग लापता बताए जा रहे हैं। विनाशकारी बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहे हिमालयी क्षेत्र में आए ताजा भूकंप ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। Share This Article Post navigation रूस ने अमेरिका के खिलाफ गुप्त रूप से ईरान को सुपरसोनिक मिसाइलें बनाने में मदद की मुश्किल हालात में भी जारी रहेगा नेपाल सुरंग बचाव अभियान…! भारतीय टीम डटी…