Kharg IslandKharg Island
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रायपुर, 05 सितंबर/ ETrendingIndia / अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के पास धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका ने द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, हमले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अभी तक ईरान या अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


सूत्रों के अनुसार, खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया गया। अभी तक जहाज की पहचान और उसे हुए नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि टैंकर पर अमेरिका की चार मिसाइलें गिरीं और इसके बाद जहाज को खाली कराया जा रहा है।


सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल के पास मौजूद एक संवाददाता ने कई विस्फोटों की आवाजें सुनीं, लेकिन इलाके में धुआं दिखाई नहीं दिया। ऐसे में हमले की प्रकृति और उससे हुए नुकसान को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। खार्ग द्वीप ईरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित बुशेहर प्रांत के तट के पास है। यह ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, देश के करीब 90 प्रतिशत तेल निर्यात को संभालने में इस द्वीप की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसी भी हमले या व्यवधान का ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है।


द्वीप पर कच्चे तेल के 40 से अधिक भंडारण टैंक हैं। इनकी कुल भंडारण क्षमता दो करोड़ बैरल से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा यहां ईरानी तेल मंत्रालय द्वारा संचालित तीन प्रमुख ऊर्जा संयंत्र भी मौजूद हैं।


खार्ग में तेल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस के भंडारण तथा निर्यात से जुड़ी बड़ी सुविधाएं भी हैं। यहां खार्ग पेट्रोकेमिकल कंपनी की इकाई भी स्थित है।


ईरानी मीडिया में अमेरिकी हमले का दावा किए जाने के बावजूद अभी तक ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में टैंकर को हुए नुकसान, संभावित जनहानि और हमले के कारणों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है।
खार्ग द्वीप की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत को देखते हुए यदि तेल निर्यात से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचता है, तो इसका असर ईरान की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।


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