Share This Article न्यू दिल्ली, 10 सितंबर 2026। IND – BAN : भारत में होने वाली BRICS समिट को लेकर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे पर संशय बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली की ओर से उन्हें समिट में शामिल होने का न्योता दिया गया था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह फिलहाल BRICS बैठक में हिस्सा लेने भारत नहीं आएंगे। हालांकि, नवंबर या दिसंबर में तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावना जताई जा रही है। BRICS समिट का न्योता, लेकिन दिल्ली आने से फिलहाल दूरी भारत में आयोजित होने वाली BRICS समिट पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। इस बैठक में शामिल होने के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भी आमंत्रित किया गया है। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, रहमान इस निमंत्रण को स्वीकार करने के पक्ष में फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि इसे भारत से दूरी बनाने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। तारिक रहमान भारत दौरे को लेकर गंभीर हैं और नवंबर या दिसंबर तक नई दिल्ली की यात्रा कर सकते हैं। भारत यात्रा से पहले ठोस फैसलों पर जोर सूत्रों के मुताबिक, तारिक रहमान चाहते हैं कि भारत दौरे से पहले दोनों देशों के बीच उन मुद्दों पर बातचीत हो, जिन पर उनकी सरकार को ठोस परिणाम मिल सकें। उनकी कोशिश है कि भारत से लौटने के बाद वह बांग्लादेश की जनता के सामने इस यात्रा की उपलब्धियां रख सकें। ऐसे में माना जा रहा है कि BRICS समिट की बहुपक्षीय बैठक के बजाय तारिक रहमान भविष्य में अलग से द्विपक्षीय भारत यात्रा को अधिक महत्व दे सकते हैं। शेख हसीना के बाद बदले रिश्ते, चीन का दौरा भी कर चुके हैं रहमान शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बढ़ा था। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर खटास देखने को मिली। तारिक रहमान के बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता के केंद्र में आने के बाद भारत ने संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने ढाका पहुंचे थे। चुनाव जीतने के बाद तारिक रहमान को भारत की ओर से शुरुआती निमंत्रण भी मिला था। इसके बावजूद वह अभी तक भारत नहीं आए हैं। वहीं, वह चीन की यात्रा कर चुके हैं। शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा बना बड़ी चुनौती भारत-बांग्लादेश संबंधों में सबसे संवेदनशील मुद्दों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत में रहना शामिल है। तारिक रहमान की सरकार लगातार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है। बांग्लादेश सरकार का आरोप है कि हसीना के शासनकाल में राजनीतिक हिंसा और विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई हुई। तारिक रहमान खुद भी हसीना के शासन के दौरान लंबे समय तक बांग्लादेश से बाहर रहे थे। अब सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार शेख हसीना को कानूनी कार्रवाई का सामना कराने पर जोर दे रही है। भारत से रिश्ते आगे बढ़ाना चाहता है BNP सूत्रों के मुताबिक, तारिक रहमान सरकार बांग्लादेश में मौजूद भारत विरोधी भावना के लिए अवामी लीग को जिम्मेदार मानती है। BNP का दावा है कि वह भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना चाहती है और दोनों देशों के बीच पुराने रिश्तों को नई दिशा देने के पक्ष में है। ऐसे में तारिक रहमान का संभावित भारत दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि BRICS समिट से दूरी के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित द्विपक्षीय यात्रा कितनी आगे बढ़ती है। Share This Article Post navigation रायगढ के किसान ने बंजर भूमि पर लहलहाई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की फसल….कमाए 4.25 लाख