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रायपुर, 15 सितंबर / ETrendingIndia / ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही का लाभ उठाने वाले देशों को इसकी सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के साथ तनाव के दौरान दूसरे देशों ने अमेरिका की किसी भी तरह से मदद नहीं की। ट्रंप ने कहा कि सैन्य संघर्ष समाप्त होने के बाद इन देशों को अमेरिका को मुआवजा देना ही होगा।


ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लगातार कई पोस्ट के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से तेल की आवाजाही जारी है। ट्रंप ने तर्क दिया कि जब अमेरिकी सेना इस मार्ग से तेल की आवाजाही बनाए रखने के लिए अभियान चला रही है, तो इससे लाभ उठाने वाले देशों को इसकी कीमत चुकानी चाहिए।

उन्होंने कहा, होर्मुज से तेल बह रहा है। दुनिया के जिन देशों ने हमारी बिल्कुल भी मदद नहीं की है, उन्हें इस संघर्ष के खत्म होने पर संयुक्त राज्य अमेरिका को मुआवजा देना चाहिए और वे ऐसा करेंगे।


होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। ईरान इस जलमार्ग पर अपना अधिकार जताता रहा है और यहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध भी लागू करता है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जहाजों को ईरान की ओर से निर्धारित मार्गों और नियमों का पालन करना होगा। वहीं, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के अधिकार के दावे को खारिज करता है।

ट्रंप लगातार ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं। उनका दावा है कि अमेरिका यह लड़ाई जीत चुका है, ईरान की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक भंडार कम होने और नौसेना के सीमित संसाधनों को लेकर चिंता जताई है।
इस बीच, ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती महंगाई की जिम्मेदारी अपने प्रशासन पर लेने से इनकार किया है। उन्होंने देश में बढ़ती कीमतों के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि अब सभी को समझ जाना चाहिए कि पूरे अमेरिका में कीमतें बढऩे की वजह बाइडन और उनका प्रशासन है, न कि ट्रंप।


ट्रंप ने कहा कि बाइडन के कार्यकाल में भी तेल की कीमतें मौजूदा स्तर से अधिक थीं। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कदम उठाए थे।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि ईरान के साथ संघर्ष जल्द समाप्त हो जाता है तो ईंधन की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संघर्ष जल्द खत्म होगा।


इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान राजनयिक बातचीत में रुचि दिखा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और तेल की वैश्विक आपूर्ति पर संकट की आशंका लगातार बनी हुई है।


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