Share This Article भोपाल, 15 सितंबर। MP Power : मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी तस्वीर सामने रखी है। अभियंता दिवस के अवसर पर भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है और मध्यप्रदेश तेजी से Renewable Energy का बड़ा सेंटर बन रहा है। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनियों के अभियंताओं और कर्मचारियों के हित में लिए गए कई फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों में वर्षों से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ करते हुए 9 हजार से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है। करीब 20 वर्षों से लंबित फ्रिंज बेनिफिट का भी समाधान किया गया है, जिसमें नाइट शिफ्ट अलाउंस, कन्वेंस अलाउंस और कंपनसेटरी अलाउंस समेत विभिन्न भत्तों को रिवाइज किया गया है। इसका लाभ करीब 25 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को मिल रहा है। 29 हजार MW क्षमता वाला MP बना बिजली सरप्लस स्टेट मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मेहनत से मध्यप्रदेश ‘बिजली गुल’ से ‘बिजली फुल’ स्टेट बना है। प्रदेश के पास करीब 29 हजार मेगावाट की विशाल विद्युत क्षमता मौजूद है और मध्यप्रदेश बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। दुबई में आयोजित Invest MP कार्यक्रम के दौरान 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें सबसे ज्यादा निवेश सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आया है। सौर ऊर्जा में 25 गुना से ज्यादा बढ़ी क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की Renewable Energy क्षमता 25 गुना से अधिक बढ़ी है। प्रदेश अब 11 हजार मेगावाट से ज्यादा की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर चुका है। बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सतपुड़ा ताप विद्युत गृह और अमरकंटक ताप विद्युत गृह में नई विद्युत उत्पादन इकाइयों को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेटा सेंटर और AI सेंटर स्थापित होने से आने वाले समय में बिजली की मांग और बढ़ेगी, लेकिन ऊर्जा विभाग इसके लिए पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। किसान कल्याण वर्ष के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सीजन से किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। कर्मचारियों को प्रमोशन से लेकर कैशलेस मेडिक्लेम तक राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हित में लगातार फैसले ले रही है। प्रदेश में सभी विभागों में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां की गई हैं, जबकि लंबे समय से लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया से 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में फिर से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विद्युत कंपनियों के अभियंताओं की तीन वेतन विसंगतियों का समाधान किए जाने की भी जानकारी दी गई। साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना लागू की गई है। बिजली कंपनियों के कंपनी कैडर के अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोलर रूफटॉप योजना भी लागू की गई है। बिजली कर्मियों को बताया प्रदेश की प्रगति का अहम आधार अभियंता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिजली विभाग के अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में इन सभी का अहम योगदान है और यही कर्मचारी मध्यप्रदेश की आर्थिक एवं औद्योगिक प्रगति के संवाहक हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वर्चुअल संबोधन में अभियंता दिवस-2026 की शुभकामनाएं देते हुए ऊर्जा विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में पॉवर इंजीनियर्स एंड एम्पलॉइज एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कर्मचारी और अभियंताओं के हित में लिए गए फैसलों के लिए अभिनंदन किया। समारोह में ऊर्जा विभाग और विद्युत कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। Share This Article Post navigation MP Cabinet : CM मोहन यादव की कैबिनेट में 42,490 करोड़ के फैसले, शिक्षा से सिंचाई और किसानों तक बड़ी सौगात, लाड़ली बहना को 250 रुपये का भी बड़ा फैसला MP Farmers : दमोह के किसान खेती में लिख रहे नवाचार की नई कहानी, CM मोहन यादव बोले- अन्नदाताओं की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य