Share This Article रियाद, 16 सितंबर 2026। Mecca Drone Attack : इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में सऊदी अरब ने पहली बार संभावित हवाई खतरे को लेकर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। मंगलवार को मक्का, जेद्दा और ताइफ के लिए जारी चेतावनी में लोगों से घरों के अंदर सुरक्षित जगह पर जाने और खिड़कियों, बालकनी व खुले इलाकों से दूर रहने को कहा गया। कुछ ही मिनटों बाद खतरा टलने की जानकारी दी गई। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। हूती पक्ष ने मक्का या किसी पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है। मक्का में पहली बार जारी हुआ ऐसा इमरजेंसी अलर्ट सऊदी सिविल डिफेंस ने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए मक्का, जेद्दा और ताइफ में संभावित खतरे की चेतावनी जारी की। लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने, घर के भीतर रहने और खिड़कियों, बालकनी व छतों से दूर रहने की सलाह दी गई। कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है और अलर्ट हटा लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया संघर्ष बढ़ने के बाद मक्का के लिए यह पहला ऐसा अलर्ट था। मक्का के दक्षिण में हूती ड्रोन मार गिराने का दावा अलर्ट के अगले घटनाक्रम में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने दावा किया कि सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में हूती बलों द्वारा भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। उनके मुताबिक ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। सऊदी पक्ष ने पवित्र शहर और वहां मौजूद जायरीनों की सुरक्षा को बेहद संवेदनशील मुद्दा बताया है। हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार हूती पक्ष ने सऊदी दावे को खारिज किया है। हूती सैन्य सूत्र के हवाले से कहा गया कि यमन से मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने का कोई खतरा नहीं था। संगठन ने सऊदी दावे को गलत सूचना बताया। ऐसे में मक्का की ओर कथित ड्रोन गतिविधि को लेकर सऊदी दावे और हूती पक्ष के इनकार के बीच स्थिति विवादित बनी हुई है। जाजान में हमले के बाद सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव मक्का अलर्ट से पहले सऊदी अरब के जाजान क्षेत्र में एक प्रोजेक्टाइल गिरने से दो लोगों के घायल होने और एक मस्जिद समेत कई इमारतों व वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए। 13 सितंबर को भी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने तथा घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई। बाब-अल-मंदेब और तेल मार्ग ने बढ़ाई चिंता तनाव सिर्फ सऊदी शहरों तक सीमित नहीं है। हूती गतिविधियों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। इसी बीच सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर भी हमला हुआ, जिसके बाद ऊर्जा आपूर्ति और निर्यात मार्गों को लेकर दबाव बढ़ा है। विश्लेषकों के मुताबिक, इन घटनाक्रमों ने रियाद के सामने सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय संघर्ष से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Share This Article Post navigation भारत की हैट्रिक…! चीन को हराकर लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप चैंपियन