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रायपुर, 17 सितंबर 2026। Power Distribution News : छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के लिए बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने प्रदेश में 12 नए जोन और 2 नए वितरण केंद्र गठित करने की व्यवस्था की है। इस बदलाव का सीधा असर कोरबा के दर्री क्षेत्र पर भी पड़ेगा, जहां बांकीमोंगरा को दर्री से अलग कर स्वतंत्र जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।

बांकीमोंगरा को मिली स्वतंत्र प्रशासनिक पहचान

बिजली कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी आदेश में नए जोन और वितरण केंद्रों की संरचना तय की गई है। यह निर्णय कंपनी के संचालक मंडल की 142वीं बैठक में 13 अगस्त 2026 को पारित संकल्प के आधार पर लिया गया है।

कोरबा जिले के लिहाज से सबसे अहम बदलाव बांकीमोंगरा जोन का गठन है। अब तक दर्री क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े बांकीमोंगरा को अलग प्रशासनिक पहचान मिलेगी। नए जोन के गठन के बाद वहां अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की जाएगी।

प्रदेश में इन 12 जगहों पर बनेंगे नए जोन

आदेश के मुताबिक मंगला, कोनी, सरोना, कौशल्या माता विहार, गोगांव, डोंगरगढ़, बांकीमोंगरा, बालोद, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर और पेंड्रारोड को नए जोन के रूप में शामिल किया गया है। इससे इन क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था के प्रशासनिक संचालन को नए ढांचे के तहत व्यवस्थित किया जाएगा।

इसके साथ ही लोरमी (ग्रामीण) और जेवरा-सिरसा को नए वितरण केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है। यानी पुनर्गठन के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली वितरण के मैदानी ढांचे में बदलाव किया जा रहा है।

6 पुराने वितरण केंद्र होंगे खत्म

पुनर्गठन के तहत डोंगरगढ़ (शहर), बेमेतरा (शहर), कांकेर (शहर), जशपुर (शहर), पेण्ड्रा (शहर) और पेण्ड्रारोड (शहर) सहित 6 वितरण केंद्रों का विलोपन किया जाएगा। इन केंद्रों में मौजूद पदों और मानव संसाधन को नए गठित जोन में पुनर्नियोजित करने की व्यवस्था की गई है।

नए जोन में अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती

नए जोन के संचालन के लिए सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कार्यालय सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइन सहायक और परीक्षण सहायक सहित विभिन्न पदों की व्यवस्था की गई है। इससे नए जोन में बिजली वितरण से जुड़े प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।

वहीं लोरमी (ग्रामीण) और जेवरा-सिरसा नए वितरण केंद्रों के लिए भी कनिष्ठ अभियंता, कार्यालय सहायक, लाइन सहायक, परीक्षण सहायक और परिचारक समेत अन्य पदों की व्यवस्था की गई है। पुनर्गठन के बाद बिजली कंपनी की स्थानीय स्तर की प्रशासनिक संरचना में बदलाव देखने को मिलेगा।


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