Trump-Xi MeetingTrump-Xi Meeting
Share This Article

बीजिंग, 22 सितंबर 2026। Trump-Xi Meeting : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर 2026 तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने यात्रा की पुष्टि की है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप 23 सितंबर को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग का स्वागत करेंगे और 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होगी। यह शी जिनपिंग की एक दशक से अधिक समय बाद व्हाइट हाउस की यात्रा होगी।

24 सितंबर को होगी ट्रंप-शी की अहम बैठक

दोनों नेताओं की इस साल यह दूसरी बड़ी मुलाकात होगी। बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन के रिश्ते व्यापार, तकनीक, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दों को लेकर दबाव में हैं। Reuters के मुताबिक, दोनों पक्ष रिश्तों में स्थिरता बनाए रखने और मतभेदों को संभालने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं।

Trade और Tariff पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और टैरिफ का मुद्दा बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रहने की संभावना है। दोनों देश पहले से जारी आर्थिक समझौतों और व्यापार व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा गैर-संवेदनशील वस्तुओं के व्यापार और टैरिफ में संभावित बदलावों से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं।

AI और Technology पर भी बातचीत की तैयारी

कृत्रिम बुद्धिमत्ता दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हालिया बातचीत में AI से जुड़े जोखिमों को लेकर संवाद तंत्र बनाने पर चर्चा हुई है। साथ ही एडवांस्ड चिप्स और तकनीक पर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण तथा चीन की तकनीकी नीतियां भी व्यापक बातचीत का हिस्सा बन सकती हैं।

Rare Earth Minerals और Supply Chain भी एजेंडे में

दुर्लभ खनिज और अन्य महत्वपूर्ण कच्चे माल की आपूर्ति भी बैठक का प्रमुख मुद्दा हो सकती है। चीन इन खनिजों की वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है, जबकि अमेरिका आपूर्ति को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर किसी व्यवस्था या आगे की बातचीत की संभावना पर नजर रहेगी।

Taiwan और Iran जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी नजर

व्यापार और तकनीक के अलावा ताइवान और ईरान से जुड़े मुद्दे भी अमेरिका-चीन संबंधों में संवेदनशील बने हुए हैं। ताइवान को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं, जबकि ईरान के साथ चीन के आर्थिक संबंध और अमेरिकी प्रतिबंध भी व्यापक रणनीतिक बातचीत का हिस्सा हैं। हालांकि, बैठक में इन मुद्दों पर क्या ठोस निर्णय होता है, यह बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा।


Share This Article