Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / उत्तर प्रदेश में बाढ़ संकट , उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर, जनजीवन प्रभावित उत्तर प्रदेश में बाढ़ संकट ने विकराल रूप ले लिया है।राज्य के 21 जिलों की 48 तहसीलें जलमग्न हो चुकी हैं।अब तक 1.72 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हो चुके हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि अब तक 38,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इससे स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास जारी हैं। राहत एवं बचाव कार्य तेज़ प्रशासन की ओर से राहत कार्यों में तेजी लाई गई है।कुल 1,196 नावों और मोटरबोट की मदद से प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।इसके अलावा, 959 बाढ़ शरणस्थल बनाए गए हैं ताकि विस्थापित लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। साथ ही, 1,277 बाढ़ चौकियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। स्कूल बंद, सतर्कता बढ़ी भारी बारिश और बाढ़ संकट को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं।आज जौनपुर, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, बरेली और प्रयागराज में स्कूलों को बंद रखा गया। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रहा है। 🔚 निष्कर्षतः उत्तर प्रदेश में बाढ़ संकट गहराता जा रहा है।प्रशासन हर संभव राहत प्रयास कर रहा है लेकिन लोगों से भी अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। Share This Article Post navigation वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, 84 घाट डूबे ₹5,801 करोड़ की लखनऊ मेट्रो विस्तार परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी