रायपुर 29 अगस्त 2025 / ETrendingIndia / National Scheme for ITI Upgradation and Establishment of Centres of Excellence for Skill Development worth Rs. 60,000 crore: Centre, States and Union Territories pledge joint efforts on skilling and entrepreneurship /
ITI उन्नयन राष्ट्रीय योजना , कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने आज चंडीगढ़ में कौशल मंत्रियों का क्षेत्रीय सम्मेलन – कौशल मंथन आयोजित किया।
यह एक ऐतिहासिक संवाद है। इसका उद्देश्य कौशल और उद्यमिता के भविष्य पर केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में कौशल मंत्री, उत्तर भारत के राज्यों के सांसद, वरिष्ठ अधिकारी और नीति निर्माता एक साथ आए।
सम्मेलन में बिहार, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों ने भाग लिया।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण हाल ही में स्वीकृत 60 हजार करोड़ रुपए की ITI उन्नयन और कौशल विकास हेतु उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की राष्ट्रीय योजना थी।
इसका उद्देश्य हब-एंड-स्पोक मॉडल और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से 1,000 सरकारी ITI को विश्वस्तरीय उत्कृष्टता संस्थानों में बदलना है।
श्री चौधरी ने कहा कि कौशल मंथन केवल एक सम्मेलन नहीं है—यह विकसित भारत@2047 के लिए कौशल विकास को आकांक्षापूर्ण और प्रभावशाली बनाने हेतु एकजुट कार्रवाई का आह्वान है।”
कौशल विकास केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है; यह छात्रों की भी ज़िम्मेदारी है कि वे आगे आएं और सर्वोत्तम अवसरों का लाभ उठाएं।
जम्मू-कश्मीर ने महत्वाकांक्षी मिशन युवा पहल को साझा किया। ये जमीनी स्तर पर उद्यमिता के माध्यम से चार लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
उत्तराखंड ने उद्योग 4.0 के लिए तैयार कार्यबल बनाने के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज और हीरो जैसे उद्योग के नेताओं के साथ अपने उत्कृष्टता केंद्रों और साझेदारियों का विवरण दिया।
