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रायपुर / 27 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता दलहन मिशन के तहत सरगुजा जिले में किसानों के खेतों पर अरहर की उन्नत किस्मों का समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा ने पांच गांवों में 55 हेक्टेयर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अरहर-1 और छत्तीसगढ़ अरहर-2 की खेती का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया है।

फसल फिलहाल अच्छी बढ़वार के साथ पूर्व-फूलावस्था और फूल आने की शुरुआती अवस्था में है।

पांच गांवों में हो रहा प्रदर्शन

अम्बिकापुर विकासखंड के सोहगा, बरकेला, खजुरी और नानदमाली तथा उदयपुर विकासखंड के कुमडेवा गांव में किसानों के खेतों को उन्नत अरहर उत्पादन तकनीक के प्रदर्शन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

वैज्ञानिक दे रहे फसल प्रबंधन की जानकारी

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को संतुलित पोषण, खरपतवार नियंत्रण, नमी प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की तकनीकी जानकारी दे रहे हैं।

फूल और फली बनने की अवस्था को देखते हुए किसानों को नियमित खेत निरीक्षण की सलाह दी गई है। फली छेदक समेत अन्य कीटों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुसार ही कीटनाशी के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

बीज उत्पादन से भी जुड़ रहे किसान

किसानों का सीड हब के तहत बीज पंजीयन भी कराया गया है। इससे उन्नत अरहर किस्मों के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. पी.आर. पैकरा, डॉ. एस.पी. गुप्ता, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार सांडिल्य और डॉ. लीलाधर साहू किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं।

प्रदर्शन खेतों में फसल की अच्छी स्थिति से किसानों में उन्नत तकनीक अपनाकर अरहर उत्पादन बढ़ाने को लेकर उत्साह है।


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