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रायपुर / 27 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / समुद्री परिवहन को कम कार्बन वाला बनाने की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठाया है। गुजरात के कांडला बंदरगाह में देश के पहले बंदरगाह आधारित ई-मेथेनॉल संयंत्र की आधारशिला रखी गई है। इस परियोजना पर करीब 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

समुद्री परिवहन को मिलेगा स्वच्छ ईंधन

ई-मेथेनॉल को भविष्य के कम-कार्बन ईंधनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका इस्तेमाल जहाजों में पारंपरिक जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।

परियोजना का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करना है।

भारत की पहली पोर्ट आधारित परियोजना

कांडला में स्थापित होने वाला यह संयंत्र देश का पहला बंदरगाह आधारित ई-मेथेनॉल संयंत्र होगा। इससे भारत के हरित और टिकाऊ समुद्री परिवहन के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

₹2,300 करोड़ का निवेश

परियोजना में करीब 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। बंदरगाह के पास संयंत्र स्थापित होने से ई-मेथेनॉल के उत्पादन, भंडारण और समुद्री परिवहन में लॉजिस्टिक सुविधा मिलने की संभावना है।


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