Share This Article नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2026। Flydubai Attack : Flydubai की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आई है। कई रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी की पहचान 29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। CNN से जुड़े सूत्रों के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने भी उसकी पहचान की पुष्टि की है। मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल की एजेंसियां कर रही हैं। कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर किया था हमला 30 सितंबर को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। रिपोर्टों के मुताबिक विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोई, लेकिन स्मित ने हमले का मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने आरोपी को काबू करने में मदद की। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को नियंत्रित करने में सहायता की और विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हमाम अल-हमामी की पहले भी हुई थी जांच रिपोर्टों के अनुसार हमाम अल-हमामी ने पहले ओमान एयर में काम किया था। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसके प्रशिक्षण के दौरान उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं और उसे उड़ान से जुड़ी भूमिका से हटाकर डेस्क ड्यूटी पर किया गया था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अलग-अलग रिपोर्टों में इस घटनाक्रम की तारीख और बरामद सामग्री को लेकर कुछ अंतर हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों में उस सामग्री की पूरी प्रकृति भी स्पष्ट नहीं है। ओमान में उड़ान पर रोक के बावजूद Flydubai से जुड़ा एसोसिएटेड प्रेस और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान में सुरक्षा चिंताओं के कारण हमाम पर उड़ान भरने को लेकर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद बाद में वह Flydubai से जुड़ा और कमर्शियल फ्लाइट के को-पायलट के तौर पर काम करने लगा। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पिछली सुरक्षा चिंताओं के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा। कैप्टन स्मित की बहादुरी से टला बड़ा हादसा हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान और यात्रियों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। रिपोर्टों के अनुसार कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू ने हमाम को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से अस्पताल से वीडियो कॉल पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की थी। हमले के पीछे की वजह की जांच जारी हमाम अल-हमामी के कथित हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, इसकी जांच अभी जारी है। अधिकारियों की जांच में उसके पिछले रोजगार, सुरक्षा रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित संपर्कों को देखा जा रहा है। Reuters के अनुसार UAE में इस मामले की संयुक्त जांच चल रही है और इजराइली अधिकारी भी पूछताछ में शामिल होने वाले हैं। Share This Article Post navigation ईरान के खिलाफ अमेरिकी दबाव बढ़ा, पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा परमाणु विमानवाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट