AIAI
Share This Article

रायपुर, 05 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने AI मॉडल को धार्मिक या आध्यात्मिक दर्जा देने की कोशिशों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि AI को ऐसी धार्मिक शक्ति देना और मानव निर्णय-विवेक को उसके हवाले करना सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा बन सकता है।

यह टिप्पणी प्रतिद्वंद्वी AI कंपनी Anthropic द्वारा AI की चेतना, नैतिकता और आध्यात्मिक पहलुओं पर धार्मिक एवं दार्शनिक विशेषज्ञों से चर्चा किए जाने के बीच आई है।

AI को ‘धार्मिक शक्ति’ देने पर आपत्ति

ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वे AI मॉडलों को धार्मिक शक्ति देने या लोगों द्वारा अपना मानवीय निर्णय AI के हवाले करने के विचार से बेहद असहज हैं। उनके अनुसार, यह AI सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

Anthropic कर रही चेतना और नैतिकता पर अध्ययन

रिपोर्टों के अनुसार, Anthropic ने धार्मिक और दार्शनिक विचारकों से AI की चेतना और नैतिक व्यवहार को लेकर चर्चा की है। कंपनी यह भी अध्ययन कर रही है कि भविष्य के AI सिस्टम में किसी तरह की चेतना या नैतिक स्थिति होने की संभावना को कैसे समझा जाए।

AI के ‘मॉडल वेलफेयर’ पर भी बहस

Anthropic के दस्तावेज में AI की संभावित चेतना, नैतिक स्थिति और कल्याण जैसे सवालों को गंभीरता से लेने की बात कही गई है। हालांकि कंपनी खुद मानती है कि AI में चेतना या नैतिक स्थिति होने को लेकर अभी गहरी अनिश्चितता है।

AI की भूमिका को लेकर बढ़ी बहस

इस मुद्दे ने AI उद्योग में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या AI को केवल मानवों के लिए बनाए गए उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए या भविष्य में उसमें चेतना और नैतिक अधिकार जैसे सवाल भी उठ सकते हैं।

Microsoft AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने भी AI को सचेत प्राणी जैसा दिखाने से पैदा होने वाले जोखिमों पर चिंता जताई है।


Share This Article