Share This Article रायपुर, 07 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / यूक्रेन ने मंगलवार को रूस के दक्षिणी तट पर एक रूसी तेल टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया, जिससे टैंकर में भीषण आग लग गई। धमाके के बाद रिसॉर्ट शहर सोची के कुछ हिस्से में दूर तक काला धुआं दिखा। जहाज पर 23 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि लाइबेरियाई ध्वज वाले टैंकर पर काला सागर में हमला किया गया था और पानी पर कच्चे तेल में आग लग गई थी। मंत्रालय ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मी तुरंत उस पर काबू नहीं पा सके, लेकिन बचाव दल ने सभी 23 सदस्य, जो भारतीय नागरिक थे, उनको बचा लिया है। सोची से आए वीडियो और तस्वीरों में समुद्र तट से दूर तेज लपटें उठती दिखाई दे रही थीं और आसमान में घना काला धुआं फैल रहा था।एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने समुद्र तटों और तटरेखा के कुछ हिस्सों तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी। सीरियस संघीय क्षेत्र के प्रमुख दिमित्री प्लिशकिन ने टैंकर में घटना की पुष्टि करते हुए स्थानीय समुद्र तटों को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि काला सागर में एक टैंकर में आग लग गई। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सीरियस के समुद्र तटों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा, पानी-हवा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने निवासियों को घर में रहने की सलाह दी है। रूस और यूक्रेन तनाव को बढ़ाते हुए काला सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में युद्ध से जुड़े ऊर्जा संयंत्रों और वाणिज्यिक जहाजों को लगातार निशाना बना रहे हैं। रूस ने हाल में रोमानियाई तट के पास यूक्रेनी सामान ले जा रहे अनाज के जहाजों पर हमला किया, जबकि यूक्रेन ने रूसी तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। हमलों से यूक्रेनी राजधानी में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है। दक्षिणी रूस में तेल रिसाव और अन्य पर्यावरणीय चिंताएं बढ़ी हैं। Share This Article Post navigation अफ्रीका में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी…जयशंकर घाना पहुंचे रूस ने साइबेरिया में प्लेग से किया इनकार, डब्ल्यूएचओ ने अज्ञात निमोनिया की जानकारी मांगी