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 रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / पाकिस्तान में दिनदहाड़े एक बाइक सवार पर ताबड़तोड़ गोलीबारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि उसकी पहचान को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि गोलीबारी में मारा गया व्यक्ति इमरान है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर है. वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि, इस दावे की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. न तो पीडि़त की पहचान की पुष्टि हुई है और न ही घटना के स्थान और इसके पीछे की वजह का सत्यापन हो सका है.


सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पर 13 अक्टूबर की तारीख और सुबह 11:54 बजे का समय दर्ज दिखाई देता है. फुटेज में एक मोटरसाइकिल सवार परिसर के गेट से बाहर निकलता नजर आता है. इसी दौरान सफेद कपड़े पहने एक व्यक्ति उसके पास पहुंचता है और गोली चला देता है. गोली लगने के बाद मोटरसाइकिल सवार बचने की कोशिश करता है, लेकिन वाहन पर नियंत्रण खोकर जमीन पर गिर जाता है. इसके बावजूद हमलावर गोलीबारी जारी रखता है.


वीडियो में उसे बैग से दूसरी पिस्तौल निकालकर भी गोलियां चलाते हुए देखा जा सकता है. इसके बाद वह हाथ ऊपर उठाकर वहां से भाग जाता है. फुटेज के अंत में पीडि़त सड़क पर बेसुध पड़ा दिखाई देता है. हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पीडि़त कौन था या उसकी हत्या किस वजह से की गई.


वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इसे लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ सदस्य की लक्षित हत्या करार दिया है. कुछ पोस्ट में पीडि़त को इमरान नाम का कमांडर बताते हुए उसके आईएसआई से कथित संबंधों का भी जिक्र किया गया है. लेकिन इन दावों के समर्थन में फिलहाल कोई सत्यापित सबूत सामने नहीं आया है. वायरल वीडियो में न तो पीडि़त की पहचान स्पष्ट होती है और न ही ऐसा कोई प्रमाण मिलता है, जिससे उसके किसी आतंकवादी संगठन या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से संबंध होने की पुष्टि की जा सके. इसलिए वीडियो को लश्कर कमांडर इमरान की हत्या से जोड़कर देखना अभी महज एक अपुष्ट दावा है.


सोशल मीडिया पोस्ट में घटना को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से जोडऩे की बात कही जा रही है. हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली जगह की स्वतंत्र रूप से पहचान नहीं हो पाई है. फुटेज पर दर्ज तारीख और समय भी अपने आप में घटना के वास्तविक स्थान या रिकॉर्डिंग की तारीख का प्रमाण नहीं हैं. वीडियो किसने रिकॉर्ड किया, इसे सबसे पहले किसने सोशल मीडिया पर साझा किया और गोलीबारी के पीछे क्या कारण था, इन सवालों के जवाब भी अभी स्पष्ट नहीं हैं.


इस मामले में पाकिस्तानी पुलिस, पंजाब प्रांत के अधिकारियों या सेना की ओर से पीडि़त की पहचान अथवा कथित हत्या की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है. घटना से संबंधित जांच, गिरफ्तारी या हमलावर की पहचान को लेकर भी कोई सत्यापित जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. जब तक विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोत या संबंधित अधिकारी घटना की पुष्टि नहीं करते, तब तक यह दावा कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर इमरान मारा गया है, अपुष्ट ही माना जाना चाहिए.


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