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 रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / अमेरिका और इजरायल में चुनावी सरगर्मी के बीच ईरान को लेकर सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हाल ही में हुई बातचीत में ईरान पर दोबारा हमला करने की संभावना पर चर्चा हुई। हालांकि, इस संबंध में किसी अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर दोनों देशों के रुख और अमेरिकी प्रशासन के भीतर मतभेदों की खबरें भी सामने आई हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत से जुड़ी जानकारी दो अमेरिकी अधिकारियों, एक इजरायली अधिकारी और मामले से परिचित एक अन्य सूत्र से मिली है। बताया गया है कि नेतन्याहू ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सामने आई खुफिया जानकारियों से चिंतित हैं। इजरायल को आशंका है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में सैन्य विकल्पों पर विचार किए जाने की बात कही जा रही है।


रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के पक्ष में हैं और इस मुद्दे पर ट्रंप के साथ कई बार बातचीत कर चुके हैं। सूत्र के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को संभावित कार्रवाई के लिए तैयारियां शुरू करने को कहा है। हालांकि, हमले की किसी तारीख या निश्चित समयसीमा पर सहमति बनने की जानकारी नहीं है।


अधिकारी ने स्पष्ट किया कि तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हमला तत्काल होने वाला है। सैन्य कार्रवाई भविष्य में की जा सकती है, लेकिन यह भी संभव है कि अंतत: ऐसा कोई कदम न उठाया जाए। इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों की सेनाएं संभावित घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरत रही हैं और अपनी तैयारियां जारी रखे हुए हैं।


इस मामले में अमेरिकी प्रशासन की ओर से अलग रुख सामने आया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान के साथ युद्ध दोबारा शुरू करने को लेकर चर्चा होने की बात से इनकार किया है। वहीं, नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में रहते हैं।


रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई के प्रस्ताव को लेकर ट्रंप का रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में ट्रंप इस विचार के प्रति सकारात्मक दिखाई दिए थे, लेकिन बाद में उनकी ओर से हिचकिचाहट के संकेत मिलने लगे। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस मुद्दे पर ट्रंप का रुख समय-समय पर बदलता रहा है।


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और अमेरिकी केंद्रीय कमान से जुड़े कुछ अधिकारी सैन्य कार्रवाई के विकल्प का समर्थन कर रहे हैं। दूसरी ओर, ट्रंप के कुछ सलाहकारों का मानना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू करने के बजाय आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य दबावकारी उपायों को जारी रखना अधिक उपयुक्त होगा।


इससे संकेत मिलता है कि सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा होने की खबरों के बावजूद अमेरिकी प्रशासन के भीतर इस मुद्दे पर एकमत नहीं है। अंतिम निर्णय को लेकर स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकती हैं।


ईरान को लेकर बढ़ती तनातनी ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव और इजरायल में चुनावी राजनीति महत्वपूर्ण दौर में है। ऐसे में किसी नए सैन्य अभियान का असर केवल पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देशों की घरेलू राजनीति पर भी पड़ सकता है।


एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, चुनाव से पहले सुरक्षा और युद्ध का मुद्दा नेतन्याहू के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। वह खुद को संकट के समय देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले नेता के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।


फिलहाल, ईरान पर दोबारा हमले की संभावना को लेकर अटकलें जारी हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से युद्ध दोबारा शुरू करने की चर्चा से इनकार और सैन्य विकल्पों पर मतभेदों की खबरों के बीच किसी संभावित कार्रवाई को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।


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