Share This Article रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के संबंध सामान्य बनाने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। सीमा पर किसी भी तरह का तनाव द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगा। उन्होंने चीन के साथ व्यापार में भारी असंतुलन और भारतीय कंपनियों को वहां समान अवसर नहीं मिलने पर भी चिंता जताई। सीमा पर स्थिरता से सुधरेंगे संबंध ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में जयशंकर ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद से सीमा पर स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई है। इसके साथ ही दोनों देशों के संबंध भी सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भारत की अपेक्षा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी रहे। व्यापार और निवेश पर भी पड़ेगा असर जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर स्थिरता महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने कहा कि व्यापार शुरू करने या बढ़ाने से पहले पूरे सीमा विवाद का समाधान होना अनिवार्य शर्त नहीं है। व्यापार और बाजार तक पहुंच से जुड़े फैसले अलग से लिए जाएंगे। चीन के साथ व्यापार असंतुलन पर चिंता विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन चीन के पक्ष में काफी झुका हुआ है। भारत के कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कंपनियों ने दुनिया के अन्य बाजारों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें चीन में पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। भारत चाहता है कि उसकी कंपनियों को भी चीन में समान अवसर मिलें। गलवान झड़प से बिगड़े थे रिश्ते जयशंकर ने वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हुआ था। वर्ष 1975 से 2020 तक सीमा पर किसी सैनिक की जान नहीं गई थी। सीमा पर शांति बहाल होने तक द्विपक्षीय संबंधों पर तनाव का असर बना रहा। Share This Article Post navigation प्रधानमंत्री आज 15 अक्टूबर को लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे… सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना वीडियो गुम होने पर चुनाव आयोग को फटकारा, कहा- बहाना नहीं चलेगा