Share This Article रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / भारत निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision—SSR) की घोषणा की है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। आयोग ने इसके लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बहस और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। Election Commission Voter Roll Revision 2026 के तहत पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और मौजूदा प्रविष्टियों की गलतियाँ सुधारने पर ध्यान दिया जाएगा। ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची की तारीख मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया का ड्राफ्ट मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियाँ 11 दिसंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी। वहीं, अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी होने की तारीख बताई गई है। Election Commission Voter Roll Revision 2026 में युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही, मतदाता विवरण में मौजूद त्रुटियों को दूर कर सूची की शुद्धता बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत चुनाव वाले राज्य शामिल इस पुनरीक्षण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए मतदाता सूची को समय पर अपडेट करना चुनावी प्रक्रिया की तैयारियों का अहम हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले वर्ष 22 मई को समाप्त होगा। वहीं, मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होना है। राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों से जुड़ी राहुल गांधी की याचिका पर निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायपालिका को डराने या दबाव में लेने की कोशिशों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अदालत के भीतर और बाहर दिए जा रहे बयानों पर न्यायालय की नजर है। पीठ ने यह भी संकेत दिया कि अगली सुनवाई में एक याचिकाकर्ता के आचरण पर सवाल किया जा सकता है। मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया पर नजर Election Commission Voter Roll Revision 2026 का उद्देश्य पात्र मतदाताओं का पंजीकरण, गलतियों में सुधार और मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाना है। वहीं, SIR को लेकर चल रहे विवाद और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कारण चुनाव आयोग की पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सार्वजनिक और राजनीतिक नजर बनी हुई है। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक चुनाव आयोग के पोर्टल और संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार अपने नाम और विवरण की जाँच करें। Share This Article Post navigation अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ