Share This Article रायपुर, 16 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / त्योहारी सीजन में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को किफायती बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से आपूर्ति तेज कर दी है। पूर्वोत्तर राज्यों में दो कांदा एक्सप्रेस रेल रेक और 44 ट्रकों के जरिए 2,800 मीट्रिक टन से अधिक प्याज भेजा गया है। वहीं, नई खरीफ फसल की आवक बढ़ने से मंडियों में प्याज की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। पहली बार त्रिपुरा के अगरतला पहुंचेगा कांदा एक्सप्रेस से प्याज उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, पहली बार कांदा एक्सप्रेस के जरिए त्रिपुरा के अगरतला के लिए करीब 440 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया है। इसके 18 अक्टूबर 2026 तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पहल से त्रिपुरा के सात जिलों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। मंडियों में प्याज के दाम घटे नई खरीफ फसल की आवक बढ़ने से प्याज की अखिल भारतीय औसत मंडी कीमत सितंबर में करीब 3,600 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर अक्टूबर में लगभग 3,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गई है। 211 शहरों में खुदरा कीमतों में गिरावट पिछले दो सप्ताह में देश के 211 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतें 1 से 13 रुपये प्रति किलोग्राम तक घटी हैं। असम के करीब 12 केंद्रों में भी प्रति किलो 1 से 8 रुपये की कमी दर्ज की गई है। असम में राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंचे दाम दो साल पहले असम और देश के औसत खुदरा मूल्य में 7.83 रुपये प्रति किलो का अंतर था। अब यह घटकर केवल 1.23 रुपये रह गया है। वर्तमान में असम में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 54.30 रुपये और राष्ट्रीय औसत 53.07 रुपये प्रति किलो है। कीमतों पर सरकार की नजर सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के बफर स्टॉक से बाजार की जरूरत के अनुसार प्याज जारी कर रही है। इसका उद्देश्य बाजार में आपूर्ति बढ़ाना, क्षेत्रीय कीमतों के अंतर को कम करना और उपभोक्ताओं को उचित दाम पर प्याज उपलब्ध कराना है। Share This Article Post navigation तमिलनाडु के जैविक ताड़ गुड़ पाउडर की बुल्गारिया में एंट्री…! किसानों को मिलेगा बेहतर दाम भारत-जापान की साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार…स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर में बढ़ेगा सहयोग