Call Forwarding ScamCall Forwarding Scam
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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026। Call Forwarding Scam : ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच Google ने Android यूजर्स की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई नए एंटी-स्कैम फीचर्स की घोषणा की है। इन सुविधाओं का उद्देश्य फर्जी मैसेज, संदिग्ध लिंक, स्क्रीन शेयरिंग के दौरान निजी जानकारी की चोरी और कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के जोखिम को कम करना है। नए फीचर्स में Google Messages का Enhanced Protection मोड भी शामिल है, जो संदिग्ध बातचीत को पहचानकर यूजर्स को अलर्ट कर सकता है। कंपनी के मुताबिक, Gemini Nano जैसे AI मॉडल की मदद से कई सुरक्षा जांच सीधे फोन पर की जाएंगी, ताकि प्राइवेसी बनाए रखते हुए संभावित स्कैम का पता लगाया जा सके।

Google Messages में Enhanced Protection मोड

Google Messages का नया Enhanced Protection मोड संदिग्ध मैसेज और बातचीत में ठगी के संकेत पहचानने में मदद करेगा। यह ऑप्ट-इन सुविधा होगी, यानी यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार इसे चालू कर सकेंगे। AI मॉडल बातचीत के संदर्भ का विश्लेषण कर संभावित धोखाधड़ी के संकेत मिलने पर चेतावनी दे सकता है। इसके बाद यूजर बातचीत जारी रखने या संदिग्ध नंबर को रिपोर्ट करके ब्लॉक करने का विकल्प चुन सकेगा। इसका उद्देश्य उन स्कैम मैसेज की पहचान बेहतर बनाना है, जिन्हें सामान्य फिल्टर पकड़ नहीं पाते।

संदिग्ध लिंक खोलने से पहले मिलेगा अलर्ट

ऑनलाइन ठगी में धोखेबाज अक्सर ऐसे लिंक भेजते हैं, जिनके जरिए वे बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या अन्य निजी डेटा चुराने की कोशिश करते हैं। Google अपने सुरक्षा सिस्टम को बेहतर बनाकर ऐसे अनजान लिंक का भी आकलन करने पर काम कर रहा है, जो पहले से संदिग्ध वेबसाइटों की सूची में शामिल नहीं हैं। रियल-टाइम वेब संकेतों की मदद से संभावित खतरे का आकलन कर यूजर को चेतावनी दी जा सकती है। इससे किसी खतरनाक वेबसाइट पर जाने से पहले सावधानी बरतने का मौका मिलेगा।

स्क्रीन शेयरिंग के दौरान निजी जानकारी की सुरक्षा

स्कैमर्स कई बार लोगों को स्क्रीन शेयर करने के लिए मनाते हैं, ताकि वे बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डेटा देख सकें। Google Chrome और Android WebView में सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रहा है, जिससे स्क्रीन शेयरिंग के दौरान संवेदनशील जानकारी को छिपाने में मदद मिल सके। इससे रिमोट सपोर्ट या अन्य ऐप इस्तेमाल करते समय निजी डेटा उजागर होने का जोखिम कम करने का प्रयास किया जाएगा।

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम पर Android देगा चेतावनी

धोखेबाज कई बार लोगों को फोन के डायल पैड पर विशेष MMI कोड डालने के लिए कहते हैं। इससे उनकी कॉल किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड हो सकती हैं और बैंक या अन्य जरूरी कॉल स्कैमर्स तक पहुंचने का खतरा रहता है। Google Android में ऐसे मामलों के लिए सुरक्षा उपाय मजबूत कर रहा है। नए सिस्टम का उद्देश्य यूजर को संभावित खतरे के बारे में चेतावनी देना और बिना जानकारी या अनुमति के कॉल फॉरवर्डिंग चालू होने से रोकने में मदद करना है।

फर्जी बैंक कॉल की पहचान करने में मिलेगी मदद

कॉलर ID स्पूफिंग के जरिए स्कैमर्स फोन पर बैंक या किसी आधिकारिक संस्था का नाम अथवा नंबर दिखाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश करते हैं। Google इस तरह की ठगी से निपटने के लिए बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में Android को बैंक के साथ रियल-टाइम कॉल सत्यापन करने में मदद मिलेगी, ताकि यह जांचा जा सके कि कॉल वास्तव में संबंधित बैंक से आई है या नहीं। इस सुविधा की पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी और बैंकों के बीच साझेदारी का विस्तार किया जा रहा है।

Gemini Nano AI और प्राइवेसी पर Google का जोर

Google के नए एंटी-स्कैम सिस्टम में Gemini Nano जैसे ऑन-डिवाइस AI मॉडल की अहम भूमिका होगी। इसका फायदा यह है कि कई तरह की जांच सीधे स्मार्टफोन पर की जा सकती हैं। जरूरत पड़ने पर Private AI Compute के जरिए अतिरिक्त क्लाउड क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है। Google का कहना है कि इस व्यवस्था को गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि क्लाउड आधारित प्रोसेसिंग के दौरान भी यूजर्स की निजी जानकारी सुरक्षित रहे।

Android फोन में कब मिलेंगे नए सुरक्षा फीचर्स?

Google इन सुविधाओं को बेहतर बनाने और ज्यादा Android डिवाइसेज तक पहुंचाने पर काम कर रहा है। हालांकि, सभी फीचर्स एक साथ हर स्मार्टफोन पर उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। इनकी उपलब्धता फोन के मॉडल, Android वर्जन, संबंधित ऐप और चरणबद्ध रोलआउट पर निर्भर कर सकती है। यूजर्स को सलाह है कि वे अपने फोन और ऐप्स को अपडेट रखें, अनजान लिंक खोलने से बचें और किसी के कहने पर बिना जांचे डायल पैड कोड न डालें।


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