Share This Article इंदौर, 16 अक्टूबर 2026। International Soya Conclave 2026 : मध्यप्रदेश में सोयाबीन उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय 9वें अंतर्राष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित उद्योगों, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है और मालवा क्षेत्र को सोयाबीन की राजधानी के रूप में जाना जाता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सोयाबीन उत्पादन, प्रसंस्करण, निर्यात, रिफाइंड ऑयल विपणन और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कंपनियों के लगभग 15 उद्योगपतियों एवं प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। देश के 45 प्रतिशत सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश की फूड बास्केट के रूप में विशेष पहचान मिली है। राज्य में सोयाबीन उत्पादन के साथ खाद्य तेल और प्रोटीन आधारित उद्योगों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता सुधारने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम और अल नीनो जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के किसानों ने सोयाबीन उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएं और उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। मध्यप्रदेश को मिले 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। उनके अनुसार, इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सस्ती बिजली, भूमि, जल और उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता निवेशकों को आकर्षित कर रही है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से स्थानीय संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोड़कर बनेगा नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए जबलपुर, भोपाल और इंदौर क्षेत्र को जोड़कर नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इससे उद्योगों के विस्तार, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों का विस्तार किसानों के लिए भी लाभकारी होगा। कृषि उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन की सुविधाएं बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सोया उद्योग से खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन केवल कृषि उपज नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक समृद्धि, खाद्य तेल उद्योग और प्रोटीन आधारित पोषण व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता, उत्पाद विविधीकरण और बाजार विस्तार से भारत खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी कृषि, उद्योग, एमएसएमई, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित प्रयास कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय 9वें अंतर्राष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भर भारत – पॉवरिंग द ऑयल एंड प्रोटीन विजन’ रखा गया है। इसमें देश-विदेश के 500 से अधिक प्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सोपा के चेयरमैन नरेश गोयनका ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों और उद्योगों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने भावांतर योजना को किसानों के लिए उपयोगी पहल बताया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित उद्योग, कृषि और व्यापार जगत के अनेक प्रतिनिधि मौजूद रहे। Share This Article Post navigation CM Mohan Yadav Visit : मुरैना में दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे CM मोहन यादव, पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों से भी की चर्चा