Share This Article रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / प्रदेश के कॉलेजों में सरकार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया करने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि, अभी कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या के साथ प्रवेश की स्थिति, बजट जैसी जानकारी ली जा रही है। उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालय के अपर संचालकों को पत्र भेजकर कॉलेजों के बारे में भी जानकारी मांगी है। प्रदेश के कॉलेजों में सरकार युक्तियुक्तकरण यानी कि रीएड्जस्टमेंट की प्रक्रिया करने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के करीब 7 शासकीय कॉलेजों में पिछली बार एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। वहीं, कई कॉलेज ऐसे भी थे जिनमें छात्रों की संख्या 100 तक भी नहीं पहुंची. इसी तरह 38 कॉलेज ऐसे हैं जिनमें स्नातक व स्नातकोत्तर में 200 से कम छात्र हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने क्या बताया ? प्रदेश के कॉलेजों में सरकार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया करने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, अभी कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या के साथ प्रवेश की स्थिति, बजट जैसी जानकारी ली जा रही है। उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालय के अपर संचालकों को पत्र भेजकर कॉलेजों के बारे में भी जानकारी मांगी है। विभाग तैयारी में जुटा कॉलेजों को कुल दर्ज स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर 4 कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें शून्य छात्र संख्या, 1 से 100, 101 से 200 और 201 से 300 विद्यार्थियों वाले कॉलेज शामिल हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय ने वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक का रिकॉर्ड मांगा है। बताते चलें कि, इसे लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है। संचालनालय ने इन कॉलेजों से पिछले पांच साल के एडमिशन, स्वीकृत सीटें, शिक्षकों के पद, रिक्तियां और शासन से मिले बजट का पूरा ब्योरा मांगा है। वहीं, इन कॉलेजों के आसपास दूसरे महाविद्यालयों की दूरी और स्कूली स्तर पर मौजूदा स्टूडेंट्स की संख्या की जानकारी भी जुटाई जा रही है। कॉलेजों तो बीए, बीएससी, बीकाम सहित अलग-अलग पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों और दर्ज विद्यार्थियों की वर्षवार जानकारी देनी होगी.साथ ही 5 सालों में छात्रों की संख्या कम हुई या ज्यादा, इसकी भी जानकारी देनी होगी। Share This Article Post navigation चलगली क्षेत्र : मोरन नदी पर 5.91 करोड़ से बनेगा पुल…बलरामपुर जिला मुख्यालय की दूरी 15 किमी होगी कम, 12 से 15 गांवों के 15 से 20 हजार ग्रामीणों को मिलेगा लाभ