Share This Article रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / मणिपुर में जातीय हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह इम्फाल पूर्वी जिले में नोंगसुम पहाडिय़ों के पास संदिग्ध कुकी उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन मैतेई युवकों की मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। वारदात के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और आक्रोशित लोग शवों को लेकर राज्य की राजधानी इम्फाल पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के बाबुपारा स्थित आवास के मुख्य द्वार के बाहर शव रखकर विरोध जताया। मृतकों की पहचान नोंगसुम मायाई लेइकाई निवासी अरुबम रोनिल (32), नोंगसुम अवांग लेइकाई निवासी लैरेनलाकपाम इनाओबी (44) और उयुम्पोक मायाई लेइकाई निवासी क्षत्रिमयुम सुशील (32) के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी में तीन अन्य लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में उनके घायल होने की सूचना मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमला सोमवार सुबह करीब नौ बजे खोंगबान सुनुरोक क्षेत्र में हुआ। यह इलाका सगोलमान पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। घटनास्थल इम्फाल पूर्वी जिले और कुकी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमा के पास स्थित है। बताया जा रहा है कि घटना के समय मैतेई समुदाय के कुछ पुरुष जंगल में जलाऊ लकड़ी इक_ा करने गए थे। इसी दौरान उन पर गोलीबारी की गई। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना में शामिल हमलावरों की पहचान और हमले के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोग मृतकों के शव लेकर इम्फाल पहुंचे और बाबुपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार के बाहर रख दिए। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू आयुर्वेद संस्थान (जेएनआईएमएस) ले जाया गया। घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास और उससे जुड़े मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बल सतर्क हैं। ताजा घटना ने मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। Share This Article Post navigation बदलती जरूरतों के हिसाब से बदलेगी खनिज नीति… महत्वपूर्ण खनिजों और रीसाइक्लिंग पर रहेगा जोर