Share This Article श्री विजयपुरम, 21 अक्टूबर 2026। India Military Exercise : हिंद महासागर में अपनी सैन्य ताकत और रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए भारत ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तीन दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास में थलसेना, नौसेना और वायुसेना शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य हथियार प्रणालियों की क्षमता परखना, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में भारत की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना है। यह अभ्यास 22 अक्टूबर तक श्री विजयपुरम के पास निर्धारित क्षेत्र में चलेगा। 22 अक्टूबर तक जहाजों और विमानों के लिए चेतावनी अंडमान-निकोबार कमांड ने सैन्य अभ्यास को देखते हुए समुद्र में जहाजों और आसमान में उड़ान भरने वाले विमानों के लिए चेतावनी जारी की है। निर्धारित क्षेत्र से 22 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच दूर रहने की सलाह दी गई है। इस कदम का उद्देश्य अभ्यास के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना और सैन्य गतिविधियों को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है। लड़ाकू विमानों से फायरिंग और मिसाइल परीक्षण की संभावना इस संयुक्त अभ्यास में नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमान तथा अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अभ्यास के दौरान लड़ाकू विमानों से तोपों की फायरिंग के साथ मिसाइल और रॉकेट प्रणालियों का परीक्षण भी किया जा सकता है। हालांकि, सेना ने अभ्यास में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति होगी मजबूत अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत की सुरक्षा और समुद्री रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह भारतीय मुख्य भूमि से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर स्थित है और मलक्का जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता है। यहां सैन्य तैयारियों को मजबूत करने से भारत की समुद्री सुरक्षा, निगरानी और रणनीतिक क्षमता को बढ़ावा मिलता है। पहले भी हुआ था ‘एक्सरसाइज द्वीप शक्ति’ इससे पहले 24 से 28 मार्च 2026 तक अंडमान-निकोबार कमांड ने ‘एक्सरसाइज द्वीप शक्ति’ नाम से बड़ा त्रि-सेवा संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया था। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साथ भारतीय तटरक्षक बल के जवानों ने भी हिस्सा लिया था। मौजूदा अभ्यास को भी तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने और क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Share This Article Post navigation मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन मैतेई युवकों की मौत