MP Laptop Yojana 2026MP Laptop Yojana 2026
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भोपाल, 21 अक्टूबर 2026। MP Laptop Yojana 2026 : मध्यप्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत बड़ी राशि वितरित की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 1 सितंबर 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अच्छे अंक और प्रमाण-पत्र हासिल करने से नहीं मिलती, बल्कि विनम्रता, अनुशासन, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से व्यक्ति का वास्तविक व्यक्तित्व बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता मिलने पर अहंकार से दूर रहने और असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

12वीं में 75 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थियों को मिला लाभ

प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लैपटॉप केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नई संभावनाओं का माध्यम है।

उन्होंने विद्यार्थियों से ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में तकनीक का बेहतर उपयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस तरह मूर्तिकार पत्थर में छिपी मूर्ति को आकार देता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनका भविष्य संवारते हैं।

शिक्षा के लिए 36,730 करोड़ का बजट, 2028 तक 55 मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। राज्य में शासकीय और निजी मिलाकर 33 मेडिकल कॉलेज तथा 6,500 से अधिक एमबीबीएस सीटें होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2028 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या 55 और स्नातक चिकित्सा सीटों की संख्या 10 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने बिना कोई नया कर लगाए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाया है।

10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को दूसरी बोर्ड परीक्षा का अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को असफलता या कम अंक आने के कारण अपना पूरा शैक्षणिक वर्ष गंवाना न पड़े, इसके लिए कक्षा 10वीं और 12वीं में द्वितीय मुख्य बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम में सुधार कर सकते हैं और दोबारा बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर देना है।

अब तक 6.5 लाख विद्यार्थियों को मिले 1,620 करोड़ रुपये

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक लगभग साढ़े छह लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए कुल 1,620 करोड़ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पिछले तीन वर्षों से प्रवेश दर बढ़ रही है और लगभग 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने योजना को मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण पहल बताया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके करियर और भविष्य के सपनों की जानकारी भी ली।

सफलता के लिए ज्ञान और कौशल को बताया सबसे जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल सफलता के दो सबसे महत्वपूर्ण साथी हैं। उन्होंने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने और लगातार परिश्रम करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।


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