cyber securitycyber security
Share This Article

रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / भारत की प्रमुख डिजिटल ट्रस्ट और साइबर सुरक्षा कंपनियों में शामिल eMudhra की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। कंपनी के आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़ी प्राइवेट क्रिप्टोग्राफिक कुंजियां असुरक्षित पाई गई हैं।

भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने 21 अक्टूबर 2026 को इस मामले में एडवाइजरी जारी की। खतरे को देखते हुए Google और Mozilla ने प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक करने के कदम उठाए हैं।

कमजोर कोडिंग बनी सुरक्षा में सेंध की वजह

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल कुंजियां तैयार करने की प्रक्रिया में कमजोर क्रिप्टोग्राफिक रैंडमनेस के कारण यह खामी पैदा हुई। इससे निजी कुंजियों का अनुमान लगाना या उन्हें हासिल करना संभव हो सकता था।

फर्जी वेबसाइटों का बढ़ सकता था खतरा

डिजिटल सर्टिफिकेट इंटरनेट पर वेबसाइटों की पहचान प्रमाणित करते हैं। यदि इनकी प्राइवेट कुंजियां गलत हाथों में पहुंच जाएं, तो हमलावर फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर भरोसेमंद वेबसाइटों की नकल करने की कोशिश कर सकते हैं। इससे यूजर्स की सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता पर खतरा पैदा हो सकता है।

Google और Mozilla ने उठाए कदम

17 अक्टूबर को मामले की जानकारी मिलने के बाद Google और Mozilla ने प्रभावित सर्टिफिकेट को अपने ब्राउजर में ब्लॉक करने की कार्रवाई की। इसका उद्देश्य संभावित साइबर हमलों के जोखिम को कम करना है।

क्या बड़े साइबर हमले की पुष्टि हुई है?

फिलहाल, प्रभावित सर्टिफिकेट के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर हमले होने की पुष्टि नहीं हुई है। eMudhra ने मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी है और कहा है कि उसके भारतीय डिजिटल कारोबार पर फिलहाल कोई सीधा असर नहीं पड़ा है।

यूजर्स के लिए क्या जरूरी है?

ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें। संदिग्ध लिंक से बचें और बैंकिंग या अन्य संवेदनशील काम करते समय वेबसाइट के सही पते की जांच करें।


Share This Article