CG Agriculture NewsCG Agriculture News
Share This Article

रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। CG Agriculture News : छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बाजार की मांग से जोड़ने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने अधिकारियों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित वैकल्पिक फसलों की खेती पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान देने का प्रावधान भी बताया गया।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी

कृषि उत्पादन आयुक्त ने आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाले धान खरीदी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों, खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण की व्यवस्था समय पर पूरी की जाए, ताकि किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो। निगरानी और पारदर्शिता के लिए साथी पोर्टल का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती को बढ़ावा

समीक्षा बैठक में फसल विविधीकरण की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई। अधिकारियों से कहा गया कि किसानों को कोदो, कुटकी, रागी और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही फूलों, फलों, मखाना और ऑयल पाम की खेती का विस्तार करने तथा किसानों को बाजार से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

अमानक बीज और कीटनाशक बेचने वालों पर कार्रवाई

कृषि आदान विक्रेताओं के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना लाइसेंस कीटनाशक बेचने, अमानक उत्पादों की बिक्री करने और किसानों पर जबरन दूसरे उत्पाद खरीदने का दबाव डालने जैसी शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। कृषि यंत्रों का लाभ लेने वाले किसानों को मशीनों के संचालन और रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।

बलौदाबाजार में 700 एकड़ में ब्लैक राइस की खेती

बैठक में बताया गया कि बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में ब्लैक राइस का उत्पादन किया जा रहा है। इसके विपणन के लिए जापान की एक कंपनी से समन्वय स्थापित किया गया है। बैठक में 25 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक्री की जानकारी भी दी गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी बाजार आधारित कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए।

हर जिले में बनेंगे दो से तीन कृषि मॉडल

अधिकारियों को कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ मिलकर प्रत्येक जिले की मिट्टी, जलवायु, संसाधनों और बाजार की मांग के अनुसार दो से तीन विशिष्ट कृषि गतिविधियां चुनने को कहा गया। बैठक में कृषि यंत्रीकरण, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, बीज वितरण और पीएम-आशा योजना की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को किसानों को समय पर भुगतान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


Share This Article