Share This Article रायपुर, 29 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे मंत्रालय ने रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल फोन और लैपटॉप के चार्जिंग पॉइंट बंद करने का निर्देश दिया है। हालांकि, रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य समेत कई विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका मानना है कि सुरक्षा के लिए चार्जिंग बंद करने के बजाय तकनीकी उपाय अपनाए जाने चाहिए। रेलवे के फैसले पर क्यों उठे सवाल? रेलवे मंत्रालय ने आग संबंधी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी रेलवे जोन को निर्धारित छह घंटों के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश दिया है। इससे रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को मोबाइल चार्ज करने में परेशानी हो सकती है। विशेषज्ञों ने सुझाया तकनीकी विकल्प विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे को बिजली के सर्किट में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाने पर ध्यान देना चाहिए। ये उपकरण अत्यधिक करंट प्रवाहित होने पर बिजली की आपूर्ति अपने आप बंद कर सकते हैं। सुरक्षा के साथ सुविधा भी जरूरी विशेषज्ञों का सुझाव है कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तकनीकी व्यवस्था अपनाए, ताकि आग का जोखिम कम हो और यात्रियों को अनावश्यक असुविधा भी न हो। Share This Article Post navigation सरकार का बड़ा फैसला, कैंसर की दवाओं के 93 फीसदी तक घटाए दाम, नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी ग्रामीण पत्रकारिता को मिलेगी नई पहचान…छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दो विश्वविद्यालयों के बीच हुआ MoU