Share This Article वाराणसी, 31 अक्टूबर 2026। Vande Bharat Sleeper : भारतीय रेलवे वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा शुरू करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 31 अक्टूबर को वाराणसी से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। नई सेवा शुरू होने से यात्रियों को दोनों शहरों के बीच रात में सफर करने का आधुनिक और तेज विकल्प मिलेगा। ट्रेन में आरामदायक स्लीपर बर्थ के साथ कई आधुनिक सुविधाएं और उन्नत सुरक्षा प्रणालियां उपलब्ध होंगी। वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी ट्रेन वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। रास्ते में ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। इससे इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी इस आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा। शिवगंगा एक्सप्रेस से कम समय में पूरा होगा सफर नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस मौजूदा शिवगंगा एक्सप्रेस के मुकाबले वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट कम समय लेगी। वहीं, नई दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में 35 मिनट की बचत होगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार और नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। रात में यात्रा करके अगली सुबह गंतव्य पर पहुंचने की सुविधा से श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, पर्यटकों और नौकरीपेशा लोगों को फायदा मिलेगा। जनवरी में शुरू हुई थी पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा भारतीय रेलवे जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा शुरू कर चुका है। अब वाराणसी-नई दिल्ली मार्ग पर इसका विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल है। यहां सालभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन रहता है। नई दिल्ली से बेहतर रेल संपर्क होने पर धार्मिक यात्राओं के साथ शैक्षणिक, व्यावसायिक और प्रशासनिक यात्राएं भी सुविधाजनक होंगी। सुरक्षा और आधुनिक तकनीक से लैस होंगे कोच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में ऊर्जा बचाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्नत वायुगतिकीय डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है। इसके डिब्बे ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से बनाए गए हैं और दुर्घटना सुरक्षा के लिए निर्धारित EN15227 मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ट्रेन में अग्नि सुरक्षा के लिए EN45545 HL3 मानकों के अनुरूप व्यवस्था, धुआं और आग का पता लगाने वाली प्रणाली, अग्निरोधी दरवाजे और ट्रेन टक्कर से बचाव प्रणाली (TCAS) दी गई है। यात्रियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति में अलार्म पुश बटन भी उपलब्ध होंगे। यात्रियों को मिलेंगी आरामदायक सुविधाएं लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक और दुर्गंध रहित शौचालय, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय तथा सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। यात्रियों को तीन-पिन चार्जिंग सॉकेट, टाइप-ए और टाइप-सी यूएसबी पोर्ट और वाई-फाई नेटवर्क की सुविधा भी मिलेगी। प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में गर्म पानी के साथ शॉवर की व्यवस्था होगी। इसके अलावा स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, ध्वनि अवरोधक व्यवस्था, एलईडी लाइटिंग और चालक, गार्ड तथा यात्रियों के बीच संचार के लिए आधुनिक प्रणाली भी उपलब्ध कराई गई है। वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत भारतीय रेलवे की लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को आधुनिक बनाने की योजना का हिस्सा है। नई ट्रेन से यात्रियों को समय की बचत के साथ बेहतर सुविधाओं वाला सफर मिल सकेगा। Share This Article Post navigation “रेल पार्सल ऐप – घर से घर तक”: अब घर बैठे बुक करें रेल पार्सल Supreme Court Verdict : तालाब की जमीन पर नहीं मिल सकता निजी मालिकाना हक, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, फ्लैट खरीदारों को मिलेगी दूसरी जमीन