Sugar Production Sugar Production
Share This Article

रायपुर, 6 नवंबर 2026 / ETrendingIndia / देश भर में 184 चीनी मिलों में पेराई का काम शुरू हो गया है। शुरुआती स्टॉक की अच्छी उपलब्धता और सीजन की शुरुआत में ही अधिक उत्पादन होने से त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू खपत के लिए चीनी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।

उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि

इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के आंकड़ों के अनुसार, 5 नवंबर 2026 तक देश में चीनी का कुल उत्पादन 12.85 लाख टन तक पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में 154 मिलों ने काम किया था और मात्र 3.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। इस बार उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

महाराष्ट्र सबसे आगे

शुरुआती उत्पादन में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से महाराष्ट्र और अन्य प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में पेराई का काम जल्दी शुरू होने की वजह से हुई है। महाराष्ट्र इस मामले में सबसे आगे है, जहां 136 मिलें काम कर रही हैं और 5 नवंबर तक 10.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। पिछले साल इसी अवधि में वहां 101 मिलें चल रही थीं और 1.23 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

अन्य राज्यों का योगदान

उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों की 19 मिलों ने पेराई शुरू कर दी है, जिनसे 0.20 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। कर्नाटक में विशेष सीजन से चल रही सात मिलों से 0.90 लाख टन और तमिलनाडु में सात मिलों से 0.64 लाख टन चीनी का उत्पादन दर्ज किया गया। गुजरात में 12 और तेलंगाना में तीन मिलें चालू हो गई हैं। अन्य राज्यों से कुल 0.33 लाख टन का शुद्ध उत्पादन हुआ है।

ISMA का बयान

ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, “चीनी का मौजूदा सीजन सकारात्मक रूप से शुरू हुआ है। 184 मिलों ने काम करना शुरू कर दिया है और उत्पादन 12.85 लाख टन तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह 3.20 लाख टन था।”

उन्होंने बताया कि पिछले सीजन से लगभग 36 लाख टन चीनी का स्टॉक बचा हुआ है और नया उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में देश अपनी घरेलू चीनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

बल्लानी ने उम्मीद जताई कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर मिलें अगले कुछ दिनों में और दिवाली के बाद मध्य उत्तर प्रदेश में भी काम शुरू कर देंगी। कर्नाटक में किसानों से जुड़े मुद्दे सुलझने के बाद मुख्य सीजन का कामकाज तेज होगा। आने वाले हफ्तों में उत्पादन में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

ISMA ने स्पष्ट किया कि घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और उद्योग घरेलू बाजार में उचित आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


Share This Article
Advertisement Carousel